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पंजाब की चीनी मिल में सहरसा के मजदूर की मौत, मशीन की बेल्ट में फंसा हाथ, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Published: Sun, 25 Oct 2026 10:08 AM (IST)

पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक चीनी मिल में काम करते समय सहरसा के बिपिन कुमार यादव की मशीन की चपेट ...और पढ़ें

सहरसा के बटराहा स्थित मृतक का आवास और सांत्वना देने पहुँचे स्थानीय लोग

 सहरसा के बटराहा स्थित मृतक का आवास और सांत्वना देने पहुँचे स्थानीय लोग

HighLights

  1. सहरसा के मजदूर बिपिन कुमार यादव की पंजाब में मौत।

  2. गुरदासपुर की चीनी मिल में मशीन की चपेट में आने से हादसा।

  3. परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य खोया, पांच बच्चे अनाथ।

जासं, सहरसा। रोजी-रोटी की तलाश में परिवार का पेट पालने के लिए दूसरे राज्य गए एक प्रवासी मजदूर की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है।

सहरसा जिले के बटराहा वार्ड नंबर 35 निवासी 36 वर्षीय बिपिन कुमार यादव की पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक चीनी मिल में काम करने के दौरान मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिपिन कुमार यादव पिछले करीब दो वर्षों से पंजाब के किरी अफगाना स्थित चड्ढा चीनी मिल (गुरुदासपुर) में रहकर मजदूरी कर रहे थे। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।

मशीन की बेल्ट में हाथ फंसने से हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों और मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब आठ बजे बिपिन मिल के अंदर अपने कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक उनका हाथ मशीन की बेल्ट की चपेट में आ गया।

हादसा इतना भयानक था कि उनका हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर उखड़ गया। शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस आकस्मिक दुर्घटना ने वहां काम कर रहे अन्य श्रमिकों को भी झकझोर कर रख दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, तीन बेटे और दो बेटियां अनाथ

बिपिन कुमार यादव अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके आकस्मिक निधन से उनकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है।

घटना की सूचना जैसे ही सहरसा के बटराहा स्थित उनके पैतृक घर पहुँची, परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग ढांढस बंधाने के लिए एकत्र हो गए। बाद में परिजनों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मृतक का पार्थिव शरीर पंजाब से सहरसा स्थित उनके निजी आवास लाया गया, जहाँ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

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