बिहार की सहरसा- मानसी रेललाइन में ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार, कम समय में पूरा होगा सफर
सहरसा-मानसी रेल खंड पर 42 किमी दोहरीकरण कार्य से ट्रेनों की गति बढ़ेगी और समय की बचत होगी। 499 करोड़ ...और पढ़ें

सहरसा- मानसी रेल खंड। फोटो जागरण
HighLights
सहरसा-मानसी रेल खंड पर 42 किमी दोहरीकरण कार्य।
ट्रेनों की गति बढ़ेगी, समय की बचत होगी।
यात्री व माल ढुलाई सेवाओं में होगा सुधार।
संवाद सूत्र, सहरसा। पूर्व मध्य रेल सहरसा- मानसी रेल खंड के बीच रेल दोहरीकरण कार्य होने से इस रूट में सभी ट्रेनें निर्धारित समय से चलने लगेगी।
अभी सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों की स्पीड तो कम हो गयी है और दूसरी तरफ ट्रेनों को एक दूसरे केा क्रास करने के लिए अलग- अलग स्टेशनेां व हाल्ट पर ट्रेन के इंतजार करना पड़ता है। रेल दोहरीकरण होने से इससे छुटकारा मिलेगा।
ट्रेनों की स्पीड भी बढेगी और ट्रेन समयानुसार चलेगी। इसी चालू वित्तीय वर्ष के दौरान ही 499 करोड़ रूपये की लागत से सहरसा- मानसी 42 किमी. रेल दोहरीकरण का कार्य की स्वीकृति रेलवे बोर्ड द्वारा 30 जून 26 को मिली थी। इसके बाद से ही इस क्षेत्र के लोगों के बीच यह उम्मीद जगी कि अब इस क्षेत्र का उत्तरोतर विकास होगा।
तीस जोड़ी ट्रेन की होती है आवाजाही
सहरसा- मानसी रेल खंड के बीच करीब 30 जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही प्रतिदिन होती है। जिस कारण एक ही रेल पटरी होने से नियमित ट्रेनों की आवाजाही होते रहती है। जिससे हर हाल्ट व स्टेशन पर ट्रेन को गुजरने व पास करने के लिए रेल पटरी खाली होने का इंतजार करना पड़ता है।
इसके अलावा मालगाडी की भी आवाजाही होती है। सहरसा रेल में कई रेक प्वाइंट रहने से मालवाहक ट्रेन का आना व जाना लगा रहता है। रेलवे की समय की बर्बादी हो रही है तो दूसरी ओर उर्जा की भी खपत हो रही है।
रेल दोहरीकरण होने के बाद इस रूट में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी और लोगों का समय भी बचेगा। नियमित ट्रेनों के अलावा मालगाड़ी की भी आवाजाही हो रही है, जिससे खाद्य पदार्थ भी इंजीनियरिंग प्रोक्याेरमेंट कंस्ट्रक्शन ईपीसी ने टेंडर जारी कर दिया है।
करीब 394 करोड़ की लागत से रेल दोहरीकरण का कार्य पूरा होगा। इस रेल दोहरीकरण केा लेकर कोसी, बागमती सहित अन्य नदियों पर बड़े- बड़े रेल पुल बनेंगे।
रेल निर्माण विभाग की देख रेख में होगा दोहरीकरण कार्य
रेल निर्माण विभाग के देख रेख में सहरसा से मानसी के बीच रेल दोहरीकरण कार्य होगा। टेंडर एजेंसी बहाल होने के बाद अगले तीन वर्ष के अंदर रेल दोहरीकरण कार्य को पूरा करने का समय निर्धारित है।
कुल मिलाकर अगले 2030 तक इस मानसी रेल खंड के बीच रेल दोहरीकरण का कार्य पूरा होने की उम्मीद बनी हुई है।
यात्री सेवाओं और माल ढुलाई को बढ़ावा
रेल दोहरीकरण परियोजना से अतिरिक्त लाइन क्षमता बनेगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होगी और आपरेशनल रुकावटें कम होंगी।
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से समय की पाबंदी में सुधार होगा, आपरेशनल लचीलापन बढ़ेगा और पूरे क्षेत्र में रेल ट्रैफिक की भविष्य की वृद्धि में मदद मिलेगी।
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