सहरसा बनेगा समस्तीपुर मंडल का पहला स्टेशन, जहां यात्रियों को मिलेंगे तीन फुट ओवर ब्रिज
सहरसा जंक्शन को जल्द ही तीसरा फुट ओवर ब्रिज मिलेगा, जिससे यह कोसी क्षेत्र का पहला स्टेशन बन जाएगा जहाँ यात्रियों को तीन एफओबी की आधुनिक सुविधा मिलेगी।

सहरसा रेलवे स्टेशन का निर्माणाधीन क्षेत्र फुट ओवर ब्रिज।
HighLights
सहरसा जंक्शन को मिलेगा तीसरा अत्याधुनिक फुट ओवर ब्रिज।
यह 12 मीटर चौड़ा ब्रिज सभी प्लेटफॉर्मों को जोड़ेगा आसानी से।
एस्केलेटर सुविधा से वृद्ध और बीमार यात्रियों को मिलेगी राहत।
संवाद सूत्र, सहरसा। पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत आने वाला सहरसा जंक्शन अब कोसी क्षेत्र का इकलौता ऐसा स्टेशन बनने जा रहा है, जहाँ यात्रियों को तीन-तीन फुट ओवर ब्रिज (FOB) की आधुनिक सुविधा मिलेगी।
वर्तमान में सहरसा स्टेशन पर तीसरे फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसके इसी वर्ष के अंत तक बनकर तैयार होने की पूरी संभावना है।
स्थानीय लोगों और रेल जानकारों के अनुसार, पूरे समस्तीपुर मंडल में यह अपने आप में एक अनूठा गौरव होगा कि किसी स्टेशन पर तीन फुट ओवर ब्रिज संचालित हों।
राजस्व संग्रह के मामले में मंडल में दूसरे स्थान पर रहने के कारण सहरसा स्टेशन पर लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहाँ अन्य स्टेशनों की तुलना में पहले से ही लिफ्ट और दो-दो फुट ओवर ब्रिज की सुविधा मिल रही है।
दोनों पुराने ब्रिजों से कहीं अधिक चौड़ा होगा नया एफओबी
रेल निर्माण विभाग की देखरेख में बनाए जा रहे इस तीसरे फुट ओवर ब्रिज की कुल चौड़ाई 12 मीटर होगी। यह स्टेशन पर पहले से बने दोनों एफओबी की तुलना में सबसे चौड़ा और बड़ा ब्रिज होगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस नए ब्रिज की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इससे सहरसा स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर आसानी से उतरा और चढ़ा जा सकेगा। इसके साथ ही, पूर्व से स्थापित एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) की सुविधा भी सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी।
एस्केलेटर से जोड़ने की उठ रही मांग
नवनिर्मित फुट ओवर ब्रिज को लेकर स्थानीय यात्रियों और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि इस नए व चौड़े एफओबी को हर प्लेटफॉर्म पर एस्केलेटर की सुविधा से पूरी तरह जोड़ दिया जाए, तो वृद्ध, बीमार और बुजुर्ग यात्रियों को आवाजाही में अत्यधिक सहूलियत मिलेगी।
यात्रियों का मानना है कि इतनी बड़ी चौड़ाई और तीन-तीन एफओबी का विकल्प मिलने से भविष्य में फेस्टिव सीजन या भारी भीड़भाड़ के दौरान प्लेटफॉर्म बदलने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें- बिहार के सहरसा में गन्ने के साथ आलू-हल्दी की खेती से किसानों की बढ़ेगी कमाई, एक खेत से मिलेगा दोहरी फसल का लाभ
यह भी पढ़ें- बिहार की सहरसा- मानसी रेललाइन में ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार, कम समय में पूरा होगा सफर
