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मखाना से बदलेगी सहरसा के किसानों की तकदीर, डीएम ने बताया प्लान, श्री अन्न की खेती पर भी जोर

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:21 AM (IST)

सहरसा में कृषि विभाग द्वारा रबी कर्मशाला आयोजित की गई, जहाँ डीएम ने जिले को मखाना उत्पादन का हब बनाने और मोटे अनाज की खेती बढ़ाने पर जोर दिया।

सहरसा को मखाना उत्पादन का हब बनाने की तैयारी, डीएम दीपेश कुमार ने कृषि विभाग को दिए निर्देश।

सहरसा को मखाना उत्पादन का हब बनाने की तैयारी, डीएम दीपेश कुमार ने कृषि विभाग को दिए निर्देश।

HighLights

  1. सहरसा में कृषि विभाग की रबी कर्मशाला आयोजित।

  2. डीएम ने मखाना उत्पादन हब बनाने पर दिया जोर।

  3. मोटे अनाज और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा।

संवाद सूत्र, सहरसा। सहरसा स्थित प्रेक्षागृह में गुरुवार को कृषि विभाग के तत्वावधान में जिला स्तरीय वासंतिक (रबी) कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक विक्रम सेहाग, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, मंडन भारती कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान-सह-वरीय वैज्ञानिक, जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी तथा उप परियोजना निदेशक (आत्मा) द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वासंतिक (रबी) मौसम में बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से कृषि पदाधिकारियों व कर्मियों को अवगत कराना था।

मखाना उत्पादन का हब बनेगा सहरसा: डीएम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि कोसी क्षेत्र में पानी की कोई कमी नहीं है। इस प्रचुर जल संसाधन का सही उपयोग करते हुए सहरसा जिले को मखाना उत्पादन के क्षेत्र में राज्य और देश की अग्रणी पंक्ति में लाने का समर्पित प्रयास होना चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती का दायरा बढ़ाने और मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए किसानों को संतुलित उर्वरक (फर्टिलाइजर) के प्रयोग के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।

23 अक्टूबर से प्रखंडों में कार्यशाला और 16 से चलेगा एलईडी रथ

'आत्मा' के उप परियोजना निदेशक राजेश सिंहा ने आगामी अभियानों की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि:

  • प्रखंड स्तरीय रबी कार्यशाला: 23 से 31 अक्टूबर तक जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।

  • किसान जन-कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान: 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चलाया जाएगा।

  • वासंतिक एलईडी रथ: कृषि विभाग की रबी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 16 अक्टूबर से एलईडी रथ सभी प्रखंडों में रवाना किया जाएगा।

उद्यानिकी योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा उद्यान विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं, फल-सब्जी खेती पर अनुदान और ड्रिप इरिगेशन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM), किसान सलाहकार तथा बड़ी संख्या में महिला कृषकों ने भाग लिया।

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"कोसी क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं है। इसलिए मखाना के हब में जिले का नाम अग्रणी पंक्ति में लाने का प्रयास होना चाहिए। किसानों को मोटे अनाज की खेती और संतुलित उर्वरक प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करें।"

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— दीपेश कुमार, जिलाधिकारी (सहरसा)