पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे का 20 नवंबर को PM मोदी करेंगे शुभारंभ, 3 घंटे में सफर, कोसी-सीमांचल को बड़ी सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को बिहार के पहले नेशनल एक्सप्रेस-वे, 'पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे' के निर्माण का शुभारंभ करेंगे।

पटना-पूर्णिया 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (NE-9) का प्रस्तावित रूट (AI generated image)
HighLights
प्रधानमंत्री मोदी 20 नवंबर को करेंगे एक्सप्रेस-वे निर्माण का शुभारंभ।
245 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेस-वे, 120 किमी/घंटा रफ्तार।
कोसी-सीमांचल क्षेत्र में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर।
संवाद सूत्र, सहरसा। कोसी और सीमांचल के निवासियों को जल्द ही राजधानी पटना जाने के लिए एक विश्वस्तरीय और द्रुतगामी मार्ग की सौगात मिलने जा रही है।
इस पूरे इलाके की आर्थिक और सामाजिक तकदीर बदलने वाले बिहार के पहले नेशनल एक्सप्रेस-वे (NE-9) यानी 'पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे' के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ आगामी 20 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे सहरसा जिले के पांच प्रमुख प्रखंडों— महिषी, सिमरीबख्तियारपुर, सोनवर्षा, सौरबाजार और पतरघट से होकर गुजरेगा। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान से राजनपुर होकर यह एक्सप्रेस-वे सहरसा में प्रवेश करेगा और फिर मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा से होते हुए आगे बढ़ेगा।
120 किमी/घंटा की रफ्तार, 12,052 करोड़ रुपये की लागत
लगभग 245 किलोमीटर लंबे इस पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से दौड़ेंगी। इसके बन जाने से पटना से पूर्णिया का वर्तमान में लगने वाला 7 से 8 घंटे का थकाऊ सफर घटकर महज 3 घंटे का रह जाएगा।
यह एक्सप्रेस-वे वैशाली जिले के मीरनगर (NH-22) से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया के चंद भट्टी (NH-27) तक जाएगा और आगे चलकर सीधे 'पटना रिंग रोड' से जुड़ेगा। इसके जमीनी निर्माण पर करीब 12,052 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
व्यापार, कृषि और रोजगार को मिलेंगे नए आयाम
उद्योगपतियों, व्यापारियों और निवेशकों के लिए यह मार्ग बेहद क्रांतिकारी साबित होने वाला है। यह एक्सप्रेस-वे बिहार के 6 बड़े जिलों के 18 महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
इससे न केवल आम यात्रियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि इलाके में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
खासकर कोसी और सीमांचल के किसानों को अपने कृषि उत्पादों और मखाना, मक्का जैसी फसलों को देश के बड़े बाजारों तक तुरंत पहुँचाना बेहद आसान हो जाएगा।
एक्सप्रेस-वे से सटे सभी संबंधित जिलों में विशेष संपर्क पथ (Connecting Roads) बनाए जाएंगे, ताकि स्थानीय लोग आसानी से इस पर चढ़ सकें। निर्माण पूरा होने के बाद सहरसा से पटना का सफर महज 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
