यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अजब-गजब: यहां पशुओं का अपहरण कर मांगी जाती है फिरौती
इंसानों का अपहरण कर फिरौती वसूलने की घटना तो प्राय: हर जगह होती है लेकिन सहरसा में पशुओं का अपहरण ...और पढ़ें

सहरसा [कुंदन]। यब बात सुनने में भले ही अजीब लगती है लेकिन सच है। यहां पशुओं का अपहरण कर फिरौती वसूली जाती है। खास बात यह है कि इन मामलों में पशुपालक अक्सर पुलिस के पास नहीं जाते हैं। बिचौलियों के माध्यम से फिरौती मांगी जाती है।
दुधारू पशुओं के मूल्य के हिसाब से फिरौती की रकम तय की जाती है। साथ ही इस काम में लगे बिचौलिये पशुपालकों से अलग रकम ऐंठते हैं। पशुपालकों को पुलिस के पास नहीं जाने की अपहर्ता स्पष्ट हिदायत देते हैं। ऐसा करने पर पशुपालकों को अपने पशुओं से हाथ धोना पड़ता है। कई बार इन पशुओं को दूसरे जिलों के हाटों में बेच दिया जाता है।
पहला मामला
काशनगर ओपी के अंतर्गत कोपा गांव से तीन जनवरी की रात पांच भैंसों की चोरी हो गई। इनमें कोपा निवासी केदार महतो की चार व बमबम पंडित की एक भैंस थी। पीडि़तों द्वारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बिचौलियों ने फिरौती की रकम के लिए दोनों पशुपालकों से संपर्क साधा। यद्यपि अब तक इन पशुओं का कोई पता नहीं चल पाया है।
दूसरा मामला
पतरघट ओपी क्षेत्र की पामा पंचायत के सिरहा टोला में मवेशी चोरी कर भाग रहे चोरों ने पीछा करने पर एक किसान को गोली मार दी। पीडि़त किसान के अनुसार इसके बाद तीनों अपहर्ता पशुओं को छोड़कर भाग निकले। इसे लेकर थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
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अनुसंधान में पशुओं के अपहरण की बात सामने आ रही है। मधेपुरा व सहरसा के सीमावर्ती इलाके में एक गिरोह द्वारा इस प्रकार की घटनाएं की जा रही हैं। पुलिस छानबीन कर रही है। जल्द ही यह गिरोह पुलिस के कब्जे में होगा।
- सुबोध कुमार विश्वास
एसडीपीओ, सहरसा
