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कौन हैं डॉ. संजीव कुमार? डॉक्टर से राजनीति तक का सफर, पटना शिक्षक सीट पर नवल किशोर यादव को हराकर बने MLC

Published: Wed, 28 Oct 2026 11:49 AM (IST)

डॉ. संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नवल किशोर यादव को 1057 मतों से हराकर बड़ी ...और पढ़ें

डॉ. संजीव कुमार

डॉ. संजीव कुमार

HighLights

  1. डॉ. संजीव कुमार ने नवल किशोर यादव को हराया।

  2. पटना शिक्षक सीट पर 1057 मतों से जीत दर्ज की।

  3. नवल किशोर यादव का तीन दशक का वर्चस्व समाप्त।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में राजद के डॉ. संजीव कुमार ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव को हरा दिया है। डॉ. संजीव कुमार ने 1057 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर इस सीट पर नवल किशोर यादव के करीब तीन दशक पुराने चुनावी वर्चस्व को समाप्त कर दिया।

लगातार पांच बार चुनाव जीतने वाले नवल किशोर यादव को इस बार हार का सामना करना पड़ा। जनसुराज की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं।

चुनावी जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि, मेडिकल करियर और संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कौन हैं डॉ. संजीव कुमार?

डॉ. संजीव कुमार का परिवार लंबे समय से खगड़िया की राजनीति में प्रभाव रखता रहा है। 1979 में जन्मे डॉ. संजीव कुमार पूर्व मंत्री और पांच बार विधायक रहे डॉ. रामानंद प्रसाद सिंह (आरएन सिंह) के बेटे हैं।

वर्ष 2020 में उन्होंने परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक का चुनाव जीता था। पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि और स्थानीय संपर्कों ने उनके शुरुआती राजनीतिक सफर में अहम भूमिका निभाई।

मुंबई से मेडिकल की पढ़ाई, पटना में डायग्नोस्टिक सेंटर

राजनीति में आने से पहले डॉ. संजीव कुमार ने मेडिकल क्षेत्र में काम किया। उन्होंने मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल और सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद वे डॉक्टर के रूप में काम करते रहे और पटना में अपना डायग्नोस्टिक सेंटर भी चलाते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अनुभव के कारण वे चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दे भी उठाते रहे हैं।

4487 वोट पाकर दर्ज की जीत

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना आंकड़ों के अनुसार, राजद के डॉ. संजीव कुमार को 4487 मत मिले, जबकि भाजपा के नवल किशोर यादव को 3430 मत प्राप्त हुए।

इस तरह डॉ. संजीव कुमार ने 1057 मतों से जीत दर्ज की। जनसुराज की डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं। इस नतीजे ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू कर दी है।

नवल किशोर यादव का तीन दशक पुराना वर्चस्व खत्म

नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके थे और लंबे समय से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते थे।

इस बार डॉ. संजीव कुमार की जीत के साथ उनका चुनावी सिलसिला टूट गया। राजद प्रत्याशी की जीत को इस सीट पर राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

कितनी संपत्ति के मालिक हैं डॉ. संजीव कुमार?

उपलब्ध चुनावी हलफनामे के विवरण के अनुसार, डॉ. संजीव कुमार के पास करीब 19.87 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति दर्ज है।

उनके ऊपर एक करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां भी बताई गई हैं। बैंक खातों में लगभग 84 लाख रुपये जमा होने के अलावा कंपनियों के शेयर, बॉन्ड और डिबेंचर में एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश दर्ज है।

बीमा, गाड़ियां और आभूषण भी संपत्ति में शामिल

हलफनामे के उपलब्ध विवरण के मुताबिक, डॉ. संजीव कुमार ने बीमा और एलआईसी पॉलिसियों में करीब 49 लाख रुपये का निवेश किया है।

उनके पास दो से तीन कारें होने और उनकी कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों का मूल्य करीब 45 लाख रुपये दर्ज बताया गया है। संपत्ति से जुड़े इन आंकड़ों को संबंधित चुनावी हलफनामे के मूल विवरण से मिलान करना उचित होगा।

डॉक्टर के पेशे से राजनीति तक पहुंचे डॉ. संजीव कुमार ने अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पहचान को नया विस्तार दिया है।

उनकी जीत ने न केवल राजद को इस सीट पर सफलता दिलाई, बल्कि लंबे समय से कायम नवल किशोर यादव के चुनावी वर्चस्व को भी समाप्त कर दिया।

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