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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: कौन हैं बिहार के तीन पलटीमार विधायक जिन्होंने कर दिया खेला? तेजस्वी से लेकर राहुल गांधी तक को दे दिया झटका

Published: Wed, 28 Feb 2024 02:13 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 28 Feb 2024 02:19 PM (GMT+05:30)

Bihar Political Crisis बिहार में महागठबंधन को मंगलवार को उस समय झटका लगा जब तीन इनके तीन विधायक मौजूदा बजट ...और पढ़ें

बाएं से आरजेडी विधायक संगीता कुमारी, कांग्रेस एमएलए मुरारी गौतम और सिद्धार्थ सौरव (जागरण)
बाएं से आरजेडी विधायक संगीता कुमारी, कांग्रेस एमएलए मुरारी गौतम और सिद्धार्थ सौरव (जागरण)

HighLights

  1. बिहार में महागठबंधन के तीन विधायकों के पाला बदलने के बाद सियासत तेज हो गई।
  2. बिहार की सियासत में अभी भी उथल-पुथल लगातार जारी है।

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Political News Hindi: बिहार में कांग्रेस के दो और आरजेडी के एक विधायक के एनडीए में जाने पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस टूट के बाद अब तेजस्वी यादव की जनविश्वास यात्रा पर भी सवाल उठने लगा है। दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस के विक्रम से विधायक सिद्धार्थ सौरव, चेनारी से कांग्रेस के ही विधायक मुरारी गौतम के साथ ही राजद की मोहनिया विधायक संगीता कुमारी सत्ता पक्ष में आकर बैठ गई।

बता दें कि इससे पहले नीतीश कुमार के शक्ति परीक्षण के दौरान राजद विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्लाद यादव राजद को छोड़ सत्ता पक्ष के साथ चले गए थे। तो चलिए इन गहमागहमी के बीज आज आपलोगों को बीते 27 फरवरी को पाला बदलने वाले तीनों विधायकों के सियासी सफर के बारे में बताएंगे...

कांग्रेस के विक्रम से विधायक सिद्धार्थ सौरव

बता दें कि 43 वर्षीय सिद्धार्थ सौरव पटना के विक्रम से कांग्रेस के विधायक थे उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार अनिल कुमार को 35 हजार से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। सिद्धार्थ सौरव काफी समय से कांग्रेस नेतृत्व से नाराज थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में व्यस्तता का हवाला देकर शक्ति परीक्षण से पहले हैदराबाद जाने से इनकार कर दिया था। तभी से अटकलें तेज हो गई थी।

कौन हैं मुरारी गौतम?

मुरारी गौतम का जन्म 1 मार्च 1980 को एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ था। वह अनुसूचित जाति से आते हैं। मुरारी गौतम को तो कांग्रेस का सच्चा सिपाही माना जाता था। मुरारी गौतम वर्तमान में चेनारी से विधायक थे। कांग्रेस के प्रति निष्ठा का उदाहरण तब मिला जब उनके पिता 2005 में आरजेडी में शामिल हो गए थे तब भी उन्होंने काग्रेस नहीं छोड़ी। हालांकि, उनके पिता महेंद्र राम पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता थे और रोहतास के चिटैनी पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं।

मुरारी गौतम रोहतास जिला के कोचस प्रखंड के चितैनी पंचायत अंतर्गत मध्य विद्यालय, सेलास के शिक्षक रह चुके हैं। शिक्षक बनने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश लिया था। उन्होंने पांचवी तक की पढ़ाई सासाराम के शिशु मंदिर विद्यालय से की। उसके बाद पटना के कंकड़बाग स्थित एसपीडी हाई स्कूल में आगे की पढ़ाई की।

संगीता कुमारी (आरजेडी)

बता दें कि संगीता कुमारी ने 2020 में आरजेडी के टिकट पर बिहार की मोहनिया सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के निरंजन राम को 12054 वोट से हराया था। 2008 में रांची विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर, 2009 में नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय डाल्टनगंज से बी.एड.की डिग्री ली थी।

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