प्रशांत किशोर को झटका! जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 1 साल के लिए राजनीति से लिया ब्रेक
पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने जन सुराज पार्टी (जसुपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया है।

पूर्व सांसद अदय सिंह। फाइल फोटो
HighLights
उदय सिंह ने जसुपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।
व्यक्तिगत कारणों से सक्रिय राजनीति से एक साल का विराम।
प्रशांत किशोर को इस्तीफे की सूचना दी, पूर्व सांसद।
राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने जन सुराज पार्टी (जसुपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से स्वेच्छया मुक्त होने की घोषणा की है। जसुपा के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) को उन्होंने इससे अवगत भी करा दिया है।
उन्होंने पद-मुक्ति का कारण व्यक्तिगत बताया है, ताकि कुछ आवश्यक कार्याें पर पूर्णतया ध्यान दे सकें। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक सक्रिय राजनीति से विराम लेने का निश्चय किया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने जसुपा के दिग्गजों को आश्वस्त किया है कि वे उन सबके लिए हमेशा की तरह उपलब्ध भी रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि भाजपा और कांग्रेस से होते हुए जसुपा में आए उदय सिंह का पटना स्थित पैतृक आवास (शेखपुरा हाउस) पीके का ठिकाना हुआ करता था। पिछले कुछ दिनों से पीके वहां से बिहटा स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम में रहने के लिए चले गए हैं।
बीजेपी से की थी राजनीति की शुरुआत
सीमांचल और पूर्णिया संभाग की सियासत में उदय सिंह एक बेहद रसूखदार और प्रभावशाली नाम माने जाते हैं। उन्होंने अपने सियासी सफर का आगाज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ किया था, जिसके टिकट पर वे वर्ष 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में पूर्णिया क्षेत्र से सांसद चुने गए।
बाद में, उन्होंने भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली और चुनाव मैदान में उतरे। राजनीतिक रूप से एक बड़ा बदलाव तब देखने को मिला, जब मई 2025 में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी अस्तित्व में आई, और उन्होंने उदय सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी का पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया।
