प्रशांत किशोर ने छोड़ा घर, राजनीतिक अभियान के लिए बिहटा में तैयार हो रहा आश्रम; अगले 5 साल यही रहेगा ठिकाना
2025 बिहार विधानसभा चुनावों में असफलता के बाद, प्रशांत किशोर ने अपना ठिकाना पटना के बिहटा स्थित 'बिहार नव निर्माण ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर का नया ठिकाना। फाइल फोटो
HighLights
प्रशांत किशोर बिहटा के 'बिहार नव निर्माण आश्रम' में रहेंगे।
अगले पाँच वर्षों तक यहीं से जन सुराज अभियान चलाएंगे।
2030 बिहार विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी मजबूत करेंगे।
डिजिटल डेस्क, पटना। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में मिली असफलता के बाद, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपना ठिकाना बदल लिया है।
अब वह अपने आवास की जगह पटना के बिहटा में नवनिर्मित 'बिहार नव निर्माण आश्रम' में रहने वाले हैं, जिसे बनाने का काम लगातार जारी है।

यहां उन्होंने अगले 5 वर्षों तक रहने का संकल्प लिया है। किशोर का इरादा है कि वे इस आश्रम में तब तक लगातार रहेंगे और यहीं से अपना काम-काज संभालेंगे, जब तक कि उनकी पार्टी 'जन सुराज' 2030 के बिहार विधानसभा चुनावों में एक मजबूत पकड़ नहीं बना लेती।

लगातार चल रहा है काम
विकास कुमार और जितेंद्र सैनी सहित 100 से ज्यादा मजदूर लगभग एक हफ्ते से काम कर रहे हैं, जबकि कुछ काम तो एक महीने से चल रहे हैं। मजदूरों को खाना, पानी और रहने की जगह दी जा रही है।

आश्रम के पूरा होने का समय अभी तय नहीं है। यह आगे मिलने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगा। प्रशांत किशोर समय-समय पर वहाँ आकर मजदूरों का हौसला बढ़ाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उनकी सभी जरूरतें पूरी हों।

मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि आश्रम का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो सके, हालाँकि इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है।

उदय सिंह के घर से चल रहा था अभियान
बता दें कि प्रशांत किशोर इससे पहले पटना एयरपोर्ट के पास स्थित ‘शेखपुरा हाउस’ से अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे थे। यह बंगला जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद उदय सिंह के परिवार का है। उदय सिंह का परिवार बिहार की राजनीति में काफी प्रभावशाली माना जाता है।
