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बिहार में बदलाव होने तक आश्रम में ही रहेंगे प्रशांत किशोर, राज्य सरकार पर साधा निशाना

Published: Thu, 21 May 2026 01:21 PM (IST)

Bihar Politics: प्रशांत किशोर ने बिहार में वास्तविक बदलाव आने तक पटना के बिहटा स्थित जन सुराज नव निर्माण आश्रम ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर का बदलाव का संकल्प। फाइल फोटो

प्रशांत किशोर का बदलाव का संकल्प। फाइल फोटो

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संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, दरभंगा। Prashant Kishor Political Attack: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपेक्षानुसार प्रदर्शन नहीं होने के बाद भी जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की बिहार की राजनीतिक में सक्रियता बरकरार है।

सामाजिक व राजनीतिक बदलाव का संकल्प

इस बीच उन्होंने सूबे में सामाजिक व राजनीतिक बदलाव को लेकर एक बड़ा संकल्प लिया है। बुधवार को दरभंगा के लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में जन सुराज की ओर से बिहार नवनिर्माण अभियान का आयोजन किया गया था।

इस बैठक में उन्होंने घोषणा की कि अब वे अपना घर छोड़कर पटना के बिहटा स्थित जन सुराज नव निर्माण आश्रम में रहने लगे हैं। कहा कि बिहार में वास्तविक बदलाव होने तक वे वहीं रहेंगे और जन सुराज के सभी कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।

Prashant kishore jansuraj party

बिहार में सिर्फ चेहरे बदले, समस्याएं नहीं

बैठक के दौरान विभिन्न इकाइयों के साथ संवाद करते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में हाल में सरकार बदलने के बावजूद जनता की मूल समस्याएं नहीं बदली हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के समय जिस नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर पेश किया गया था, वे खुद ही राजनीतिक रूप से पीछे हट गए। बावजूद बिहार से पलायन की समस्या खत्म नहीं हुई। पीके ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

एक करोड़ नौकरी का वादा अधूरा

प्रशांत किशोर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सत्ताधारी दल की ओर से एक करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था। हाल में सरकार ने छह महीने पूरे कर लिए, लेकिन धरातल पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं पड़ रहा है।
उन्होंने इस आरोप को दोहराया कि बिहार के युवाओं को रोजगार देने के जगह उन्हें मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर किया जा रहा है।

यह भी कहा कि सत्ता में बैठे कुछ लोग अपने परिवार को राजनीति में आगे बढ़ाने में लगे हैं, जबकि बिहार के नौजवान आज भी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

गुजरात प्राथमिकता, बिहार पीछे

जन सुराज के सूत्रधार ने कहा कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्राथमिकता बिहार नहीं, बल्कि गुजरात है। उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी के प्रस्तावित आंख के अस्पताल का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि सरकार अस्पताल खोलने की बात तो कर रही है, लेकिन पीरपैंती बिजली परियोजना में कथित घोटाले पर जवाब नहीं दे रही। लोगों को विकास के नाम पर केवल सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं।

नीट पेपर लीक पर भी सवाल

NEET paper leak मामले का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पेपर लीक अब सामान्य बात बन गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “खबर तब होती जब पेपर लीक नहीं होता।”

उन्होंने आरोप लगाया कि जब व्यवस्था की जिम्मेदारी गलत लोगों के हाथ में होगी तो भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी घटनाएं कैसे रुकेंगी।
बैठक में पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, प्रो. रामबली चंद्रवंशी, जितेंद्र मिश्रा, सरवर अली, ललन यादव, रत्नेश्वर ठाकुर, निर्मल मिश्रा, मुमताज अंसारी, अनूप मैथिल समेत बड़ी संख्या में जन सुराज के कार्यकर्ता मौजूद रहे।