विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कुंदन कृष्णन की संपत्ति पर सुधाकर सिंह के सवालों से गरमाई सियासत, बोले- इतनी संपत्ति का स्रोत क्या? जांच से डर कैसा

Published: Tue, 03 Nov 2026 03:20 PM (IST)

राजद नेता सुधाकर सिंह ने बिहार एसटीएफ डीजी कुंदन कृष्णन और उनके परिवार की संपत्तियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, ...और पढ़ें

राजद सांसद सुधाकर सिंह

राजद सांसद सुधाकर सिंह

HighLights

  1. सुधाकर सिंह ने कुंदन कृष्णन की संपत्ति पर गंभीर सवाल उठाए।

  2. घोषित और बाजार मूल्य में अंतर, संपत्ति के स्रोत पर संदेह।

  3. सरकार से स्वतंत्र जांच और भूमि सीलिंग पालन की मांग।

राज्य ब्यूरो, पटना। राजद किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधाकर सिंह ने बिहार एसटीएफ के डीजी कुंदन कृष्णन और उनके स्वजनों की संपत्तियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संपत्ति के घोषित मूल्य और वास्तविक बाजार मूल्य में बड़ा अंतर है और कई ऐसी जमीनों का भी दावा किया, जिनका विवरण संपत्ति घोषणा में नहीं होने की बात कही गई है। सुधाकर सिंह ने सरकार और जांच एजेंसियों से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

संपत्ति के मूल्यांकन से लेकर खरीद के पैसे तक उठाए सवाल

सुधाकर सिंह ने कहा कि कुंदन कृष्णन, उनकी पत्नी और संबंधित स्वजनों के नाम मौजूद चल-अचल संपत्तियों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाना चाहिए।

उन्होंने वार्षिक संपत्ति घोषणा और बिहार भूमि पोर्टल पर दर्ज विवरण का मिलान कराने की मांग की। उनके अनुसार जमीन की रजिस्ट्री, जमाबंदी, दाखिल-खारिज, खरीद की तारीख और भुगतान के स्रोत की भी जांच होनी चाहिए।

100 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति का दावा, बाजार मूल्य पर सवाल

सुधाकर के अनुसार कुंदन कृष्णन के परिवार की वार्षिक संपत्ति घोषणा में 100 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों का उल्लेख है।

उन्होंने नालंदा के बिंद और दरियापुर की कृषि भूमि, पटना के नाला रोड स्थित मकान और गुरुग्राम के फ्लैट समेत कई संपत्तियों का जिक्र किया। उनका सवाल है कि घोषित कीमत और वर्तमान बाजार मूल्य में कितना अंतर है और इन संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए धन कहां से आया।

रितेश रंजन सिंह से जमीन के लेन-देन को लेकर भी जांच की मांग

सुधाकर सिंह ने रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह के साथ जमीन के लेन-देन को भी जांच का विषय बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर कुंदन कृष्णन की पत्नी और रितेश रंजन सिंह की जमीनें एक ही प्लॉट या आसपास के भूखंडों में हैं। सुधाकर ने पूछा कि क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई कारोबारी अथवा वित्तीय संबंध है।

पटना सिटी की जमीन और परिवार के नाम खरीद पर उठाए सवाल

उन्होंने पटना सिटी के सिमली मुरारपुर और मालसलामी इलाके में परिवार के सदस्यों के नाम जमीन खरीद का भी उल्लेख किया। सुधाकर के अनुसार इन जमीनों की खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत और संबंधित आयकर व वित्तीय अभिलेखों का मिलान कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जमीन खरीद में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या वित्तीय संबंध तो नहीं है।

धनौत की जमीन: बेची गई या अब भी नाम पर?

सुधाकर सिंह ने पटना जिले के धनौत की जमीन को लेकर भी सवाल खड़ा किया। उनके अनुसार संपत्ति घोषणा में जमीन को वर्ष 2021 में बेचा हुआ बताया गया है, जबकि बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी में जमीन अभी भी कुंदन कृष्णन के नाम दर्ज दिखाई देती है। उन्होंने पूछा कि यदि जमीन बिक चुकी है तो दाखिल-खारिज और जमाबंदी का रिकॉर्ड क्यों अपडेट नहीं है।

कैमूर में 16 एकड़ से ज्यादा जमीन का दावा, बाजार मूल्य की जांच की मांग

कैमूर के भगवानपुर प्रखंड स्थित मकरी खोह में कई भूखंडों का उल्लेख करते हुए सुधाकर ने बड़ी मात्रा में कृषि भूमि होने का दावा किया।

उन्होंने अलग-अलग खाता और प्लॉट नंबरों का हवाला देते हुए कुल जमीन करीब 16 एकड़ 88 डिसमिल बताई और कहा कि इसका बाजार मूल्य दो करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। उन्होंने इन जमीनों के स्वामित्व और संपत्ति घोषणा में किए गए उल्लेख की जांच की मांग की।

पटना के ट्रांसपोर्ट नगर की जमीन संपत्ति घोषणा में क्यों नहीं?

सुधाकर सिंह ने पटना के ट्रांसपोर्ट नगर में 14 डिसमिल से अधिक जमीन का भी जिक्र किया। उनके अनुसार इस जमीन का सरकारी मूल्य करीब 91 लाख रुपये और बाजार मूल्य लगभग सात करोड़ रुपये बताया गया है।

उनका सवाल है कि यदि जमीन वास्तव में संबंधित व्यक्ति के स्वामित्व में है तो इसका उल्लेख वार्षिक संपत्ति घोषणा में क्यों नहीं किया गया।

नालंदा में अतिरिक्त जमीन को लेकर भी उठे सवाल

नालंदा के बिंद गांव में वर्ष 2018 में खरीदी गई जमीन का विवरण भी सुधाकर ने सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि खाता संख्या 316 और प्लॉट संख्या 4884 की करीब 4.125 डिसमिल जमीन का मूल्य लगभग 21 लाख रुपये है, लेकिन यह संपत्ति उपलब्ध घोषणाओं में शामिल नहीं दिखाई देती। उन्होंने खरीद के भुगतान और संपत्ति घोषणा की जांच की मांग की।

पत्नी के नाम जमीन पर भी सुधाकर ने मांगा हिसाब

सुधाकर सिंह ने कुंदन कृष्णन की पत्नी डा. मल्लिका सिंह के नाम बताई गई जमीनों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार बैरिया और सिमली मुरारपुर में करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि और आवासीय जमीनें हैं। उन्होंने इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के स्रोत और वार्षिक संपत्ति विवरण में उनके उल्लेख की जांच की मांग की।

भारती इंफ्राटेल को जमीन लीज पर देने का मामला भी उठाया

मालसलामी के सिमली मुरारपुर में डा. मल्लिका सिंह के नाम बताई गई जमीन के एक हिस्से को भारती इंफ्राटेल को लीज पर दिए जाने का भी सुधाकर ने जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि लीज की शर्तें क्या हैं, कंपनी ने कितनी राशि का भुगतान किया और लीज से होने वाली आय का उल्लेख आयकर रिटर्न तथा संपत्ति विवरण में किया गया है या नहीं।
नकद, सोना और कीमती रत्नों पर भी मांगा जवाब
सुधाकर सिंह ने कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी के पास बताए गए नकद, सोना, हीरा और कीमती रत्नों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने इनकी वास्तविक कीमत, खरीद की तारीख, भुगतान के माध्यम और धन के स्रोत की जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि संपत्ति के हर स्रोत की वित्तीय रिकॉर्ड से पुष्टि होनी चाहिए।

भूमि सीलिंग कानून के पालन की जांच की मांग

सुधाकर ने बिहार के भूमि सुधार एवं अधिकतम सीमा निर्धारण कानून का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर मौजूद कुल कृषि भूमि की जांच होनी चाहिए।

साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं अलग-अलग नामों पर जमीन खरीदकर किसी एक वास्तविक लाभार्थी के हित में संपत्ति तो नहीं जुटाई गई।

पांच करोड़ के मानहानि नोटिस पर सुधाकर का पलटवार

सुधाकर सिंह ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई में मौत के मामले में सवाल उठाने के बाद उन्हें पांच करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि यदि उनके सवाल गलत हैं तो तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर जवाब दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार मानहानि के मुकदमे की धमकी से संपत्ति से जुड़े सवाल खत्म नहीं हो जाते।

‘वर्दी कानून से ऊपर नहीं’, स्वतंत्र जांच की मांग

सुधाकर सिंह ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष से राजनीतिक या व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि एक वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी और उनके परिवार की संपत्तियों तथा उनके स्रोतों से जुड़े सवाल हैं।

उन्होंने कहा कि पद किसी को जवाबदेही से मुक्त नहीं करता। उनकी मांग है कि किसी स्वतंत्र और सक्षम एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराई जाए और दस्तावेजों के आधार पर जनता के सामने सच्चाई रखी जाए।

यह भी पढ़ें- सुधाकर सिंह की हिरासत पर बवाल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की शिकायत; DM-SP पर आरोप

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।