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Bihar Politics: 'अब ज्ञान नहीं... हिसाब चाहिए', आरक्षण पर संतोष सुमन ने तेजस्वी पर दागे तीखे सवाल

Published: Tue, 01 Sep 2026 07:48 PM (IST)

संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव से सामान्य सीटों पर दलितों को टिकट देने और आरक्षण के लाभ पर सवाल उठाए।

आरक्षण पर संतोष सुमन ने तेजस्वी पर दागे तीखे सवाल

आरक्षण पर संतोष सुमन ने तेजस्वी पर दागे तीखे सवाल

HighLights

  1. संतोष सुमन ने तेजस्वी से दलितों को सामान्य सीट पर टिकट देने पर सवाल किया।

  2. तेजस्वी ने आरक्षण की वर्तमान सीमा बढ़ाने की मांग की।

  3. तेजस्वी ने यूट्यूबर पर पुलिस अत्याचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राज्य ब्यूरो, पटना। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आरक्षण के मुद्दे पर तेजस्वी यादव से सवाल पूछा है कि आरक्षण पर भाषण देने से पहले वह यह बताएं कि आज तक सामान्य सीटों पर उन्होंने कितने दलितों को टिकट दिया है।

उन्होंने कहा कि अगर सामान्य सीटों पर दलितों को अवसर नहीं दिया गया, तो क्यों नहीं दिया गया? सामाजिक न्याय का मतलब दलितों को केवल आरक्षित सीटों तक सीमित रखना नहीं है।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव 75 प्रतिशत आरक्षण और सामाजिक न्याय की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जिस राज्यसभा और विधान परिषद में कितने दलित नेताओं को भेजा है?

संतोष सुमन ने कहा कि केवल आरक्षण का प्रतिशत बढ़ा देना ही सामाजिक न्याय नहीं है। असली सवाल यह है कि आरक्षण का लाभ किन लोगों तक पहुंच रहा है। अब ज्ञान बहुत हो गया, अब हिसाब चाहिए।

तेजस्वी बोले, आरक्षण की वर्तमान सीमा बढ़ाई जानी चाहिए

राज्य ब्यूरो, जागरण. पटना : राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रेस-वार्ता कर आरक्षण की वर्तमान सीमा से वृद्धि की मांग की। इसी के साथ एक बार फिर बताया कि आरक्षण के सबसे बड़े पहरुआ वही हैं। नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा तो भाजपा के साथ खड़े हैं और आरक्षण की समीक्षा की बात कर आरएसएस के विचारों को मजबूत कर रहे।

उल्लेखनीय है कि तेजस्वी की इस राय से एक दिन पहले सोमवार को राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल कह चुके हैं कि समय-समय पर आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए, इसलिए ताकि उपेक्षित-अपेक्षित वर्ग व व्यक्ति को उसका उचित लाभ मिल सके।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए के उपरोक्त नेता मात्र अपनी और स्वजनों की भलाई चाह रहे। यदि वे आरक्षण के पक्षधर हैं तो महागठबंधन सरकार द्वारा आरक्षण-सीमा में की गई वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव को संविधान की नौवीं अनुसूची में सम्मिलित कराएं, ताकि उसकी वैधानिक बाध्यता हो। प्रश्न यह कि आज देश में 20 कुलपति, 10 जज भी अनुसूचित समाज से क्यों नहीं हैं।

यू-ट्यूबर पर हुआ अत्याचार, डीएसपी-थानेदार पर कार्रवाई हो:

तेजस्वी ने वैशाली जिला में महुआ में यूट्यूबर कुंदन कुमार पर पुलिसिया अत्याचार का आरोप लगाया। कहा कि एक मंत्री के क्षेत्र पातेपुर की सड़क की वास्तविकता दिखाने पर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया और पिटाई की। डीएसपी और संबंधित थाना प्रभारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। चेतावनी यह कि कार्रवाई नहीं हुई तो राजद वैशाली में बड़ा आंदोलन करेगा।

प्रेस-वार्ता में कुंदन ने आपबीती सुनाई। राज्यसभा सांसद संजय यादव, पूर्व विधायक प्रेम चौधरी, अनिल कुमार साधु, शक्ति यादव, एजाज अहमद आदि प्रेस-वार्ता में उपस्थित रहे।

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