बिहार BJP में बढ़ेगा जमीनी नेताओं का कद, सत्ता के साथ संगठन का भरोसा मजबूत कर रहे CM सम्राट चौधरी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार चलाने के साथ-साथ भाजपा संगठन को मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं।
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सीएम सम्राट चौधरी। (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार और संगठन दोनों पर ध्यान दे रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और पार्टी पुनर्गठन पर विशेष जोर।
मोदी सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश।
रमण शुक्ला, पटना। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों सिर्फ सरकार चलाने तक सीमित नहीं दिख रहे, बल्कि संगठन को मजबूत एवं सक्रिय बनाए रखने की रणनीति पर भी समान रूप से काम कर रहे हैं।
सत्ता एवं संगठन के बीच संतुलन साधने की उनकी रणनीति इन दिनों भाजपा में चर्चा का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री बनने के उपरांत सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ पार्टी संगठन के कार्यों में भी लगातार रुचि दिखाई है।
भाजपा की रीति-नीति को लगातार आगे बढ़ाने की घोषणा कर रहे हैं। चुनिंदा निर्णय को प्रभावी करने के साथ ही पहल को धरातल उतारने में सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी के अंदर यह संदेश देने की कोशिश है कि सरकार और संगठन दोनों एक ही दिशा में काम कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का बढ़ा रहे मनोबल
दरअसल, सम्राट चौधरी की प्राथमिकता केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाए रखना भी है।
इसी कारण संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को भी महत्व देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश संगठन के पुनर्गठन एवं विधान परिषद के चुनाव में भी सम्राट चौधरी के निर्णय की छाप दिखाई देगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में केवल सत्ता के सहारे समीकरण कायम रखना आसान नहीं होता। ऐसे में सम्राट चौधरी संगठन को साथ लेकर चलने की रणनीति अपना रहे हैं।
भाजपा के अंदर भी यह धारणा मजबूत हो रही है कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक मजबूती पार्टी की सबसे बड़ी जरूरत होगी।
इधर, मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित अभियान को लेकर भी मुख्यमंत्री की सक्रियता बढ़ी हुई है। पार्टी नेताओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया जा रहा है।
इससे स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि सम्राट चौधरी सत्ता संचालन के साथ-साथ संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने में भी पूरी ऊर्जा के साथ सक्रिय हैं।
पार्टी प्रशिक्षण अभियान से पकड़
भाजपा की ओर से संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान में भी निरंतर सहभागिता सुनिश्चित कर संगठन के प्रति समर्पण प्रमाणित कर रहे हैं।
संघ परिवार समन्वय एवं अनवरत भगवा गमछा उनकी हिंदुत्वादी विचारधारा, सांस्कृतिक प्रतिबद्धता के संकल्प को मजबूती देता है।
मुख्यमंत्री बनने के उपरांत समय-समय पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से संचालित होने वाले सरस्वती शिशु मंदिर को चर्चित एवं प्रतिष्ठित कॉन्वेंट स्कूल से उत्कृष्ट बनाने की घोषणा भी मातृ संगठन पर भरोसा कायम का प्रयास माना जा रहा है।
