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रोहतास की 2 पत्थर खदानों का जल्द खुलेगा ताला, वन विभाग से क्लीयरेंस के लिए कंसल्टेंट की तलाश तेज

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:20 PM (GMT+05:30)

रोहतास जिले में दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती का रास्ता साफ करने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने कवायद ...और पढ़ें

रोहतास में दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती की तैयारी, कंसल्टेंट का चयन एक सप्ताह में (AI Generated Image)

रोहतास में दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती की तैयारी, कंसल्टेंट का चयन एक सप्ताह में (AI Generated Image)

HighLights

  1. रोहतास में दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती होगी।

  2. वन भूमि पर खनन हेतु कंसल्टेंट का चयन जल्द।

  3. खान एवं भूतत्व विभाग ने प्रक्रिया शुरू की।

राज्य ब्यूरो, पटना। रोहतास जिले में दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती का जल्द रास्ता साफ होगा। खान एवं भूतत्व विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। विभाग सबसे पहले वन भूमि पर खनन की अनुमति लेने और जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कंसल्टेंट (सलाहकार एजेंसी) का चयन करेगा।

इस काम को प्राथमिकता में करने के लिए विभाग ने क्रय समिति गठित कर दी है। समिति को एक सप्ताह के अंदर कंसल्टेंट का चयन करने का निर्देश दिया गया है।

करबंदिया ब्लॉक-4 और गिजवाही ब्लॉक-3 का है मामला

विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल जिन दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती की तैयारी है, उनमें करबंदिया ब्लॉक-4 और गिजवाही ब्लॉक-3 शामिल हैं।

जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में करबंदिया ब्लॉक-4 को 473 हेक्टेयर और गिजवाही ब्लॉक-3 को 5.33 हेक्टेयर क्षेत्र में चिह्नित किया गया है।

ये दोनों क्षेत्र वन भूमि में आते हैं। ऐसे में यहां खनन शुरू करने और ई-नीलामी के जरिए बंदोबस्ती करने से पहले वन भूमि के इस्तेमाल की अनुमति लेनी होगी।

कंसल्टेंट का काम प्रस्ताव तैयार कर अनुमति दिलाना

कंसल्टेंट का काम वन भूमि पर गैर-वन कार्य की अनुमति के लिए प्रस्ताव तैयार कर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजना होगा।

साथ ही, भेजे गए प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई की नियमित निगरानी भी करनी होगी, ताकि अनुमति मिलने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और खदानों की बंदोबस्ती का रास्ता साफ हो सके।

कंसल्टेंट चयन के लिए गठित समिति में संयुक्त सचिव सुनील चौधरी, आंतरिक वित्तीय सलाहकार सनोज कुमार, निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी पीयूष कुमार सिंह, सहायक निदेशक राजेश कुमार कुशवाहा, खनिज विकास पदाधिकारी लाल बिहारी प्रसाद और प्रशाखा पदाधिकारी मणिकान्त शर्मा शामिल किए गए हैं।

समिति विभागीय वेबसाइट पर कोटेशन आमंत्रित कर बिहार वित्तीय नियमावली के अनुसार एजेंसी का चयन करेगी।

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