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डोमिनोज की फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों की ठगी, पटना में गिरोह का पर्दाफाश; बैंक अधिकारी समेत 4 गिरफ्तार

Published: Sat, 10 Oct 2026 09:44 PM (IST)

पटना पुलिस ने डोमिनोज सहित अन्य कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश।

  2. अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्य, एक बैंक अधिकारी सहित गिरफ्तार।

  3. फर्जी वेबसाइटों का उपयोग कर लोगों को जाल में फंसाया जाता था।

राज्य ब्यूरो, पटना। डोमिनोज समेत दूसरी कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इसमें बैंक अधिकारी भी शामिल है, जो गिरोह के सदस्यों को फर्जी बैंक खाते और एटीएम उपलब्ध कराता था। गिरोह के खिलाफ राजस्थान, मेघालय और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क से जुड़ी सूचनाओं का तकनीकी विश्लेषण किया था।

इसके आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पटना साइबर थाना के साथ मिलकर जिले के विभिन्न स्थानों पर छापामारी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पटना साइबर थाने में सात अक्टूबर को कांड संख्या 1361/26 भी दर्ज किया गया है।

जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य डोमिनोज और अन्य कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाते थे। इन वेबसाइटों के जरिए फ्रेंचाइजी लेने के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था।

इसके बाद उनसे अलग-अलग मदों में रुपये जमा कराकर ठगी की जाती थी। ठगी की रकम को कई चरणों में निकाला जाता था और फिर गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचाया जाता था।

पहले भी जेल जा चुका है आरोपित

गिरफ्तार आरोपितों में मनेर का कुणाल कुमार, सदिसोपुर का संदीप कुमार, नवादा का शैलेश कुमार उर्फ राहुल उर्फ राकी उर्फ मोनू और धनरूआ का शेषमणी उर्फ दीपक शामिल हैं।

शैलेश कुमार नवादा साइबर थाना कांड संख्या 11/2023 में भी आरोपित रहा है और इस मामले में जेल जा चुका है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, नकदी और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।

कई बैंकों और एटीएम के रखरखाव व संचालन से जुड़ी कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस को आशंका है कि कुछ लोगों ने साक्ष्य उपलब्ध कराने में आनाकानी की या उनमें छेड़छाड़ की। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

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