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75% अटेंडेंस की नो-एंट्री पर गाज! पटना में 390 स्कूलों के शिक्षकों की सैलरी अटकी, 24 घंटे का अल्टीमेटम

Published: Mon, 12 Oct 2026 08:04 PM (IST)

पटना के 390 विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का वेतन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की 75% उपस्थिति का डेटा अपलोड न करने पर रोक दिया गया है।

ई-शिक्षाकोष पर डेटा न देने पर पटना के 390 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रुका (AI Generated Image)

ई-शिक्षाकोष पर डेटा न देने पर पटना के 390 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रुका (AI Generated Image)

HighLights

  1. पटना के 390 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका गया।

  2. ई-शिक्षाकोष पर 75% उपस्थिति डेटा अपलोड न करने पर कार्रवाई।

  3. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा।

जागरण संवाददाता, पटना। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि नहीं करने पर जिले के 390 विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने संबंधित विद्यालयों को 24 घंटे के अंदर शत-प्रतिशत आंकड़ों की प्रविष्टि पूरी करने और स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही, पूछा है कि आदेश की अवहेलना के लिए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए।

डीईओ की ओर से सोमवार को जारी पत्र में कहा गया कि संबंधित विद्यालयों को पहले भी कई बार ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया था।

इसके बावजूद 390 विद्यालयों में काम शुरू नहीं किया गया। इसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना मानते हुए वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।

75 प्रतिशत उपस्थिति पर दर्ज करना होगा 'हां' या 'ना'

निर्देश के अनुसार, ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 75 प्रतिशत या इससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने 'यस' और 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने 'नो' दर्ज करना है। यह आंकड़ा विभिन्न योजनाओं के लाभुक विद्यार्थियों की उपस्थिति से संबंधित है।

विभागीय निर्देश के बावजूद प्रविष्टि का काम शुरू नहीं होने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) और विद्यालय अवर निरीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिया और कहा है वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की उपस्थिति से संबंधित आंकड़ों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित कराने के साथ अपने स्तर से उसका अनुमोदन भी करना होगा।

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