बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान की राह होगी आसान, तीन दिनों में बनेगा मास्टर डाटा
बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के वेतन भुगतान में आ रही तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रक्रिया सरल ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई लगाई गई है।
HighLights
शिक्षकों के वेतन भुगतान प्रक्रिया होगी सरल।
पूर्वी चंपारण में बनेगा विद्यालयवार मास्टर डाटा।
गलत जानकारी पर तय होगी बीईओ की जवाबदेही।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान में तकनीकी अड़चनें दूर करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अब पूर्वी चंपारण में जिले में कार्यरत सभी कोटि के शिक्षकों का विद्यालयवार, कोटिवार और वर्गवार मास्टर डाटा तैयार किया जाएगा।
इससे शिक्षकों के वेतन से संबंधित विवरण को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, डाटा तैयार करने में लापरवाही या गलत जानकारी देने पर संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) और विद्यालय प्रधान की जवाबदेही तय होगी। विभाग ने इसके लिए समयसीमा भी निर्धारित कर दी है।
तीन दिनों में देनी होगी विवरणी
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ब्रजेश कुमार ने इस संबंध में सभी बीईओ को पत्र जारी किया है। इसमें जिले में कार्यरत सभी कोटि के शिक्षकों की शुद्ध और प्रमाणिक विवरणी निर्धारित प्रपत्र में तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। विभाग का उद्देश्य शिक्षकों के मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पर वेतन प्रविष्टि और भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू बनाना है।
मूल अभिलेखों से होगा मिलान
निर्देश के अनुसार, सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधान अपने अधीनस्थ शिक्षकों की विवरणी का मिलान मूल अभिलेखों से करेंगे। इसके बाद वे स्वयं विवरणी का सत्यापन करेंगे। मास्टर डाटा में प्रत्येक शिक्षक से संबंधित जानकारी सही तरीके से दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसमें किसी प्रकार की त्रुटि रहने से आगे वेतन प्रविष्टि और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
गलती पर तय होगी जवाबदेही
डीपीओ स्थापना ने स्पष्ट किया है कि मास्टर डाटा में त्रुटिपूर्ण विवरणी दर्ज होने के कारण एचआरएमएस पर वेतन प्रविष्टि या भुगतान में तकनीकी बाधा आती है तो इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित बीईओ और विद्यालय प्रधान की होगी। इसलिए विवरणी तैयार करने और जमा करने में विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।
लापरवाही पर विभाग सख्त
विभाग ने निर्धारित प्रपत्र में विवरणी जमा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही है। सभी बीईओ को निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। मास्टर डाटा तैयार होने से शिक्षकों के वेतन संबंधी विवरण को व्यवस्थित करने और भुगतान प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
