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बिहार में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का बदला तरीका, देरी पर अब आसान नहीं होगी राह

Published: Mon, 12 Oct 2026 04:34 PM (IST)

Birth and Death Certificate : बिहार में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में बदलाव किया गया है, ...और पढ़ें

Bihar Registration Rules : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

Bihar Registration Rules : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. एक अक्टूबर 2026 से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नए नियम लागू।

  2. एक साल से अधिक देरी पर डीएम/एसडीएम का आदेश आवश्यक होगा।

  3. दो साल से अधिक देरी पर न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। New Registration Amendment 2026 : जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में अब लापरवाही भारी पड़ सकती है। घटना के बाद समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं।

एक अक्टूबर 2026 से लागू नए संशोधन के तहत एक साल से अधिक की देरी होने पर अब पहले की तरह आसानी से प्रमाण पत्र नहीं बन सकेगा। देरी जितनी अधिक होगी, पंजीकरण की प्रक्रिया उतनी ही कठिन होती जाएगी। इसका उद्देश्य जन्म-मृत्यु के आंकड़ों में पारदर्शिता लाना और फर्जी प्रमाण पत्रों पर रोक लगाना है।

एक साल बाद बदलेगी प्रक्रिया

जन्म या मृत्यु की सूचना एक साल बाद, लेकिन दो साल के भीतर देने पर अब जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) या उनके द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का लिखित आदेश जरूरी होगा।

संबंधित अधिकारी घटना की सत्यता की जांच करेंगे। इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करने पर ही पंजीकरण की अनुमति मिल सकेगी।

दो साल बाद न्यायिक आदेश जरूरी

यदि जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के दो साल बाद दी जाती है, तो पंजीकरण की प्रक्रिया और सख्त होगी। ऐसी स्थिति में संबंधित क्षेत्राधिकार के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण किया जा सकेगा। इससे पुराने मामलों में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदकों को अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेंगी।

नगर निगम और प्रखंड कार्यालयों को निर्देश

केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार सरकार ने जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन से संबंधित संशोधन की अधिसूचना जारी की है। इसके बाद नगर निगम और प्रखंड कार्यालयों को नए प्रावधानों के अनुसार आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं।

समय पर पंजीकरण कराना जरूरी

पहले निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल थी। अब देरी से आवेदन करने वालों को संबंधित अधिकारियों के आदेश और सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि जन्म या मृत्यु की घटना के बाद जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं, ताकि भविष्य में प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

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