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एकजुट होकर लड़ें 7वें वेतनमान और वित्तरहित शिक्षकों के हक के लिए, बिहार में प्रशांत किशोर का शिक्षकों से आह्वान

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:17 PM (IST)

मोतिहारी में प्रशांत किशोर ने शिक्षकों की समस्याओं पर बात करते हुए कहा कि सातवें वेतनमान और वित्तरहित शिक्षकों के ...और पढ़ें

पूर्वी चंपारण में कार्यक्रम में बोलते प्रशांत किशोर।

पूर्वी चंपारण में कार्यक्रम में बोलते प्रशांत किशोर।

HighLights

  1. प्रशांत किशोर ने मोतिहारी में शिक्षकों की समस्याओं पर बात की।

  2. 7वें वेतनमान और वित्तरहित शिक्षकों के लिए एकजुटता जरूरी।

  3. समाधान हेतु दस हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। चुनाव के समय शिक्षकों की एकजुटता कहां चली जाती है? वे अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर एक मंच पर क्यों नहीं आते? जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के इसी राजनीतिक बिखराव को उनके अधिकारों की राह में बाधा बताया।

उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षक जाति और पार्टी से ऊपर उठकर अपने हितों के लिए एकजुट नहीं होंगे, तब तक सातवें वेतनमान सहित उनकी लंबित मांगों का समाधान मुश्किल होगा। सोमवार की शाम शहर के एक होटल में शिक्षकों की समस्याओं, सातवें वेतनमान और वित्तरहित शिक्षकों के मुद्दों पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं।

वोट की परिपाटी बदलने की जरूरत

प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षक सामान्य दिनों में शिक्षक बने रहते हैं, लेकिन मतदान के समय जाति और पार्टी के आधार पर बंट जाते हैं। भाजपा के शासन में उर्दू शिक्षकों का कल्याण संभव नहीं है। वित्तरहित शिक्षकों की स्थिति भी ऐसी ही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नुकसान होने के बावजूद उनका वोट एनडीए के पक्ष में चला जाता है। इस परिपाटी को बदलने की जरूरत है।

दस हजार करोड़ की जरूरत

उन्होंने कहा कि सातवें वेतनमान और वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कम से कम दस हजार करोड़ रुपये की जरूरत होगी। शिक्षकों में एकजुटता हो तो केंद्र की मोदी सरकार इस दिशा में तुरंत फैसला ले सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, तेजस्वी यादव और अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए भी अपनी बात रखी।

दो लाख शिक्षकों से मिलेंगे

प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ किए गए कार्यों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में प्रखंड स्तर तक जाकर दो लाख शिक्षकों से मिलने की योजना है। इस दौरान शिक्षकों की समस्याओं और उनकी मांगों को समझने का प्रयास किया जाएगा।

कई नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य अजय द्विवेदी, अरुण तिवारी, वीर प्रसाद महतो, जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह बेरूआर, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डा. अतुल कुमार, अजय कुमार आजाद और पूर्णिमा भारती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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