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पटना: ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख हारा दसवीं का छात्र, कर्ज से बचने के लिए रची अपहरण की साजिश

Published: Fri, 09 Oct 2026 10:01 PM (IST)

ऑनलाइन गेम में लाखों रुपये हारने और दोस्तों से लिए कर्ज को चुकाने के दबाव में पटना के एक छात्र ...और पढ़ें

ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख हारा दसवीं का छात्र, कर्ज से बचने के लिए रची अपहरण की साजिश (AI Generated Image)

ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख हारा दसवीं का छात्र, कर्ज से बचने के लिए रची अपहरण की साजिश (AI Generated Image)

HighLights

  1. छात्र ने ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपये गंवाए।

  2. कर्ज चुकाने के दबाव में अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी।

  3. पुलिस ने मुजफ्फरपुर से छात्र को सुरक्षित बरामद किया।

जागरण संवाददाता, पटना। ऑनलाइन गेम में पैसे हारने और दोस्तों से लिए गए कर्ज को चुकाने के दबाव में बुद्धा कालोनी इलाके में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। उसने परिजनों को फोन कर अपहरण की सूचना दी और छोड़ने के बदले दो लाख रुपए की फिरौती मांगी।

पिता ने उसके खाते में 75 हजार रुपए भी भेज दिए। हालांकि, पुलिस ने उसे मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस से सुरक्षित बरामद कर लिया।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि छात्र ने अपने दोस्तों से रुपए उधार लेकर ऑनलाइन गेम खेला था। इस दौरान वह करीब एक लाख 45 हजार रुपए हार गया। रकम गंवाने के बाद उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ने लगा। दोस्त लगातार पैसे लौटाने की मांग कर रहे थे।

इसी परेशानी से निकलने के लिए छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की झूठी कहानी तैयार की। इसके जरिए स्वजन से पैसे हासिल करने की योजना बनाई गई।

पुलिस के अनुसार, छात्र बुद्धा कालोनी स्थित अपने कमरे से निकला और गांधी मैदान बस स्टैंड पहुंचकर मुजफ्फरपुर जाने वाली बस पकड़ ली। रास्ते में उसने फोन कर स्वजन को बताया कि चार-पांच लोग उसे स्कार्पियो में बंधक बनाकर ले जा रहे हैं।

उसने दावा किया कि अपहरणकर्ता उसे छोड़ने के बदले दो लाख रुपए मांग रहे हैं। बेटे के अपहरण की खबर सुनते ही पिता घबरा गए।

उन्होंने बिना देर किए छात्र के खाते में 75 हजार रुपए भेज दिए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई और छात्र की तलाश शुरू कर दी।

स्कॉर्पियो तलाशती रही पुलिस, बस में मिला छात्र

शुरुआत में पुलिस छात्र के बताए घटनाक्रम के आधार पर स्कॉर्पियो की तलाश कर रही थी। हालांकि, तकनीकी जांच और मोबाइल टावर लोकेशन के विश्लेषण से गांधी मैदान बस स्टैंड का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने बसों की जांच शुरू की।

इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस से छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। छात्र मूल रूप से पूर्वी चंपारण के रक्सौल बार्डर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता व्यवसायी हैं।

बुद्धा कॉलोनी थानेदार के मुताबिक, छात्र पटना में रहकर पढ़ाई करता है। शुरुआती जांच में ऑनलाइन गेम में पैसे हारने और कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रचने की बात सामने आई है।

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