'4.73 करोड़ का मुनाफा दिखाया, 62.49 लाख उड़ा लिए...' पटना में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बड़ा खेल
पटना में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक व्यक्ति से 62.49 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसमें जालसाजों ने ...और पढ़ें

WhatsApp ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
HighLights
कंकड़बाग निवासी से 62.49 लाख रुपये की साइबर ठगी।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर 4.73 करोड़ का मुनाफा दिखाया गया।
पैसे निकालने पर 75% कमीशन की शर्त रखी गई।
जागरण संवाददाता, पटना। शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने कंकड़बाग इलाके में किराये के मकान में रहने वाले एक व्यक्ति से 62 लाख 49 हजार रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर पीड़ित की निवेश की गई रकम पर 4.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया।
रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने मुनाफे की 75 प्रतिशत राशि कमीशन के रूप में जमा करने की शर्त रख दी।
WhatsApp ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
शिकायत के मुताबिक, ठगी का खेल 20 जून से शुरू हुआ। पीड़ित को पहले ‘जीएल397 एनएएम ग्रो बियान्ड लिमिट्स’ नाम के वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया।
26 जून को उन्हें ‘ओपी सर्किल-27’ नाम के दूसरे ग्रुप में शामिल कर लिया गया। इन ग्रुपों में मीरा अय्यर नाम की महिला और आशीष नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया।
फर्जी ऐप में दिखा 4.73 करोड़ का मुनाफा
ठगों ने पीड़ित को ‘एनएएम एएमसी एचएनडब्ल्यू’ नाम का कथित ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया। पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी ली गई।
इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक का बचत खाता ऐप से जोड़ दिया गया। ऐप में मुनाफा बढ़ता देखकर पीड़ित को निवेश पर भरोसा होता गया।
25 बार में ट्रांसफर कराए 62.49 लाख
चार अगस्त से 20 सितंबर के बीच ठगों ने पीड़ित के आइडीबीआइ बैंक और पंजाब नेशनल बैंक खातों से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई।
शिकायत में दिए गए लेनदेन के अनुसार, कुल 25 बार में 62 लाख 49 हजार रुपये भेजे गए। इस दौरान फर्जी ऐप पर 4.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया जाता रहा।
पैसे निकालने गए तो 75% कमीशन की नई शर्त
जब पीड़ित ने रकम निकालने की इच्छा जताई तो ठगों ने मुनाफे की 75 प्रतिशत राशि कमीशन के तौर पर जमा करने को कहा।
पीड़ित ने मुनाफे की रकम छोड़कर सिर्फ अपनी मूल निवेश राशि वापस मांगी, लेकिन आरोपित टालमटोल करने लगे और अतिरिक्त पैसे की मांग करते रहे। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
