कहीं आपके नाम पर तो नहीं चल रहा किसी अपराधी का सिम? बिहार में फिंगरप्रिंट बेच रहे हैं साइबर ठग; ऐसे करें चेक
साइबर अपराधी दूसरों के फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी कर रहे हैं, जिससे निर्दोष लोग ठगी के मामलों में फंस रहे हैं।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
साइबर अपराधी फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी कर रहे हैं।
निर्दोष लोग फर्जी सिम से हुई ठगी के मामलों में फंस रहे हैं।
संचार साथी पोर्टल पर अपने नाम के सिम जांचें और रिपोर्ट करें।
जागरण संवाददाता, पटना। आपके नाम पर मोबाइल सिम जारी है, लेकिन इस्तेमाल कोई और कर रहा है। उसी नंबर से साइबर ठगी हो रही हो और पुलिस की जांच की आंच आपके दरवाजे तक पहुंच जाए, तो मुश्किल बढ़ सकती है।
साइबर अपराधी दूसरों की पहचान पर सिम हासिल कर ठगी के नेटवर्क में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सवाल है आपके नाम पर कितने सिम चल रहे हैं और क्या उनमें कोई नंबर ऐसा भी है, जिसे आपने कभी लिया ही नहीं?
साइबर थाना में ऐसे कई मामले आ चुके हैं। जांच में हैरत करने वाली जानकारी सामने आई है। साइबर थाना के एक अधिकारी ने बताया कि अब आपके फिंगरप्रिंट बेचे जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि फ्रॉड एक से अधिक बार फिंगरप्रिंट यह कहकर लेते हैं कि आपका फिंगरप्रिंट ठीक से नहीं आ रहा है। फिर से लगाइये। इसी दौरान एक से अधिक बार फिंगरप्रिंट लेते हैं और सिम जारी कर लेते हैं।
केस-1: ठगी की रकम पहुंची खाते में, जांच पहुंची दरवाजे तक
पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में रहने वाली 38 वर्षीय महिला राजनंदनी देवी (नाम काल्पनिक) के घर पर साइबर थाना पुलिस की टीम पहुंचती है।
घर पर महिला नहीं थी। वह सरकारी जॉब में है। पुलिस घर से सीधे उसके कार्यालय पहुंची और उससे पूछताछ की। पुलिस ऑनलाइन ठगी की जांच करते हुए जारी एक संदिग्ध सिम की जांच कर रही थी।
राजनंदनी ने बताया कि उसने यह नंबर कभी नहीं लिया। पुलिस की पूछताछ में उसे पता चलता है कि उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है।
पुलिस ने सिम के बारे में जांच की तो पता चला कि वह मुंबई में जारी हुआ है और वहीं इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने महिला को बताया कि आपके सिम से कई साइबर ठगी की घटनाएं हुई है। जांच में आपका नाम आया है।
केस-2: मजदूर के नाम पर निकले कई सिम
मोकामा से हर दिन पटना आकर मजदूरी करने वाले 48 वर्षीय सुनील ने स्टेशन के पास से एक सिम लिया था। सिम लेने के करीब तीन महीने बाद साइबर थाना की पुलिस घर पहुंची।
पूछताछ में सुनील ने बताया कि वह पटना जंक्शन के पास से सिम लिया था। हालांकि जिस वक्त पुलिस वहां पहुंची तो वहां पर दुकान नहीं थे।
हैरत की बात यह थी कि मजदूर के नाम पर छह सिम जारी किए गए थे। यह देख पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि साइबर ठगों द्वारा गलत तरीके से सुनील के नाम पर सिम जारी कर लिया है। बाद में सारे सिम बंद करवाए गए।
केस-3: एक साथ पहुंची तीन राज्यों की पुलिस
गर्दनीबाग इलाके के रहने वाले दंपत्ती के घर पिछले साल सुबह-सुबह राजस्थान पुलिस पहुंची। पुलिस ने पत्नी से कहा कि आपके नाम पर सिम इस्तेमाल किया गया है। यह सुन होश उड़ गए।
दो दिन पुलिस जांच कर ही रही थी कि यूपी और दिल्ली पुलिस भी पहुंची। तीनों राज्यों की पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि पत्नी के नाम पर तीन सिम चल रहे है। जांच के दौरान पति-पत्नी की तबीयत भी बिगड़ गई। जांच कर रही पुलिस ने सभी सिम को बंद भी करवा दिया।
संचार साथी पर ऐसे करें जांच
- आधिकारिक पोर्टल sancharsaathi.gov.in खोलें।
- Know Mobile Connections in Your Name विकल्प चुनें।
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करें।
- अपने नाम पर दर्ज कनेक्शन देखें। अनजान नंबर मिले तो उसे रिपोर्ट करें।
अनजान सिम मिले तो क्या करें?
पोर्टल पर नाट माई नंबर या संबंधित रिपोर्ट विकल्प चुनकर शिकायत दर्ज करें। अनुरोध का स्टेटस भी जांचें। जरूरत पड़ने पर अपने दूरसंचार सेवा प्रदाता से संपर्क करें।
यदि नंबर से ठगी हुई है या आपके साथ वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, तो 1930 पर काल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। शिकायत की रसीद और स्क्रीनशॉट रखे।
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