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खाड़ी देशों की नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा, बिहार में पकड़ा गया एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट बनाने वाला गिरोह

Published: Mon, 05 Oct 2026 09:32 AM (IST)

पटना में वैशाली ट्रैवल्स कंसल्टेंसी सर्विस द्वारा खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनाने का बड़ा रैकेट पकड़ा गया है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. वैशाली ट्रैवल्स कंसल्टेंसी सर्विस खाड़ी देशों में नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा कर रही थी।

  2. दो-तीन दिन की ट्रेनिंग देकर पांच-छह साल का अनुभव प्रमाण पत्र देते थे।

  3. पुलिस ने 118 पासपोर्ट, फर्जी दस्तावेज और तीन आरोपियों को पकड़ा।

जागरण संवाददाता, पटना। दो-तीन दिन की ट्रेनिंग और प्रमाणपत्र में पांच-छह साल का अनुभव...। खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर वैशाली ट्रैवल्स कंसल्टेंसी सर्विस का यही फर्जीवाड़ा चल रहा था।

तकनीकी काम का अनुभव नहीं रखने वालों को पहले प्रशिक्षण देकर प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन और बिजली मिस्त्री बनाया जाता था, फिर बरौनी पेट्रोकेमिकल और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) जैसी कंपनियों के नाम पर फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र तैयार कर उन्हें खाड़ी देशों में भेजने की तैयारी की जाती थी।

जालसाजी मामले में शनिवार को गिरफ्तार वैशाली ट्रैवल्स कंसल्टेंसी सर्विस के तीनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया। गिरोह फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र तैयार करने के लिए बरौनी पेट्रोकेमिकल, एलएंडटी जैसी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करता था।

इतना ही नहीं, फर्जी प्रमाणपत्र में पांच से छह वर्ष का अनुभव दिखाकर प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, बिजली मिस्त्री समेत अन्य तकनीकी कामगारों को विदेश भेजते थे।

जिन लोगों के पास तकनीकी काम का प्रशिक्षण नहीं होता था, उन्हें दो-तीन दिन की ट्रेनिंग देकर नौकरी के लिए तैयार किया जाता था।

गांधी मैदान थाने की पुलिस ने शनिवार को एग्जीबिशन रोड स्थित चांदी व्यापार भवन की पांचवीं मंजिल पर वैशाली ट्रैवल्स कंसल्टेंसी सर्विस के कार्यालय में छापेमारी की थी।

वहां से असम, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के अलग-अलग लोगों के नाम के 118 पासपोर्ट, विभिन्न संस्थाओं के नाम से तैयार फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र, पैथोलाजी जांच की बुकलेट, फर्जी इंटरव्यू लेटर, तीन लैपटाप, एक सीपीयू, पांच मोबाइल और 1.44 लाख रुपये नकद के साथ रियाल, दिरहम और अन्य विदेशी मुद्रा बरामद की गई थी।

इसके साथ ही तीन आरोपित तनवीर आलम, शाहिद अनवर और तौसिफ आलम को गिरफ्तार किया गया था। छानबीन में पता चला कि यह गिरोह किसी अन्य गिरोह के जरिए अलग-अलग कंपनियों के अधिकारियों के हस्ताक्षर और मुहर लगे फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र भी तैयार कराता था। जब्त लैपटॉप और मोबाइल में भी कई प्रमाणपत्र मिले हैं।

नाम और पता बदलकर तैयार करते थे हार्ड कॉपी

सूत्रों की मानें तो तीनों के अलावा कई अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं। ये लोग विदेश जाने के इच्छुक व्यक्ति का नाम और पता बदलकर उसकी अलग हार्ड कॉपी तक तैयार करा देते थे।

फिलहाल, पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता किया जा रहा है कि फर्जी प्रमाणपत्रों पर लगे हस्ताक्षर और मुहर कौन तैयार करता था?

इंटरनेट मीडिया के साथ ही अलग-अलग तरीकों से खाड़ी देशों में नौकरी का प्रचार कर संपर्क में आने वाले लोगों को कार्यालय बुलाया जाता था।

संबंधित कंपनी में नौकरी के लिए अभ्यर्थियों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं होने पर उन्हें तैयार कराने के नाम पर अलग-अलग मद में रुपये लिए जाते थे।

सत्यापन के लिए भेजी जाएगी पासपोर्ट रिपोर्ट

जब्त पासपोर्ट का ब्योरा तैयार कर उसके आधार पर सभी पासपोर्ट की जांच और सत्यापन कराया जाएगा। सोमवार को पुलिस इसका ब्योरा पासपोर्ट कार्यालय को भेजेगी। संबंधित राज्य की पुलिस के जरिए उनके पते का सत्यापन कराया जाएगा।

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