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क्रेडिट कार्ड पटना में, पैसे निकल गए दुबई में; 91871 रुपये का साइबर फ्रॉड

Published: Fri, 23 Oct 2026 08:12 PM (GMT+05:30)

पटना निवासी राजीव रंजन सिंह के क्रेडिट कार्ड से दुबई में 91,871 रुपये की निकासी हुई, जबकि कार्ड उनके पास ही था।

क्रेडिट कार्ड पटना में, पैसे निकल गए दुबई में; 91871 रुपये का साइबर फ्रॉड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्रेडिट कार्ड पटना में, पैसे निकल गए दुबई में; 91871 रुपये का साइबर फ्रॉड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. पटना निवासी के क्रेडिट कार्ड से दुबई में 91,871 रुपये निकले।

  2. कार्ड पास होते हुए भी बिना अलर्ट के हुई निकासी।

  3. साइबर विशेषज्ञों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए।

जागरण संवाददाता, पटना। बोरिंग कैनाल रोड निवासी राजीव रंजन सिंह का क्रेडिट कार्ड उनके पास ही था, लेकिन उनके खाते से दुबई में 91,871 रुपये की निकासी हो गई। विदेश में हुई इस निकासी की सूचना न तो उनके रजिस्टर्ड ई-मेल पर मिली और न ही उनके मोबाइल नंबर पर कोई अलर्ट आया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद राजीव रंजन सिंह ने एसकेपुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस घटना ने क्रेडिट कार्ड की सुरक्षा और विदेश में होने वाले संदिग्ध लेनदेन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

साइबर थाना के एक्सपर्ट एसआई रोहन कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी कई तरीकों से कार्ड की जानकारी हासिल कर सकते हैं। फर्जी बैंकिंग वेबसाइट या संदेश के जरिये वे लोगों से कार्ड का विवरण भरवा सकते हैं।

किसी संदिग्ध लिंक पर जानकारी साझा करने, असुरक्षित वेबसाइट पर भुगतान करने या डेटा चोरी होने की स्थिति में भी कार्ड का ब्योरा अपराधियों तक पहुंच सकता है।

इसके बाद इस जानकारी का इस्तेमाल विदेश में ऑनलाइन खरीदारी या ऐसे भुगतान में किया जा सकता है, जहां हर बार ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती।

क्लोन कार्ड और चोरी हुए डेटा से भी हो सकता है खेल

कुछ मामलों में अपराधी कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप का डेटा कॉपी कर नकली कार्ड तैयार करने की कोशिश करते हैं। इसे कार्ड क्लोनिंग कहा जाता है।

हालांकि, आधुनिक चिप वाले कार्ड की सुरक्षा व्यवस्था के कारण केवल डेटा कॉपी कर हर जगह सफलतापूर्वक लेनदेन करना आसान नहीं है।

इसके अलावा, कार्ड विवरण चोरी होने पर अपराधी डिजिटल भुगतान या दूसरे माध्यमों से भी धोखाधड़ी कर सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी, ओटीपी और पिन किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करना चाहिए। बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले लोगों को भी ये जानकारियां नहीं देनी चाहिए।

भुगतान के लिए केवल भरोसेमंद वेबसाइट और आधिकारिक एप का इस्तेमाल करना चाहिए। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान एप डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

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