साइबर ठगों का 'ATM हब' बना पटना; पुलिस ने 10 को दबोचा, भारी मात्रा में कार्ड और पासबुक बरामद
देश भर के साइबर ठग पटना के एटीएम से सबसे अधिक नकदी निकालते हैं, जिसके पीछे एक अंतरराज्यीय गिरोह है जो फर्जी दस्तावेजों से खाते खुलवाता है।

साइबर ठगों का 'एटीएम हब' बना पटना, पुलिस ने 10 को दबोचा (AI Generated Image)
HighLights
पटना एटीएम से सर्वाधिक नकदी निकालते हैं साइबर ठग।
बिहार पुलिस ने 10 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार।
फर्जी आधार पते से बैंक खाते खुलवाते थे अपराधी।
राज्य ब्यूरो, पटना। देश भर के साइबर ठग सबसे अधिक नकद पैसे पटना के एटीएम से निकाल रहे हैं। इसके पीछे साइबर ठगों का अंतरराज्यीय गिरोह है, जो फर्जी दस्तावेज पर बैंक खाते खुलवाता है। फिर इसके आधार पर एटीएम और यूपीआई के माध्यम से पैसे की निकासी की जाती है।
साइबर ठगी की राशि निकालने के बाद खाता धारकों को कमीशन के आधार पर भुगतान किया जाता है। बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पिछले दिनों दस साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
इनके पास से दो लाख 86 हजार नकद, 89 एटीएम कार्ड, 82 चेकबुक, 76 पासबुक, 47 मोबाइल फोन, 17 आधार कार्ड, नौ पैन एवं सिम कार्ड, लैपटॉप आदि बरामद किया गया है।
दरअसल, साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी की 60 से 70 प्रतिशत राशि क्रिप्टो करेंसी में बदलकर देश के बाहर भेज देते हैं। इसके अलावा 10 से 20 प्रतिशत राशि ऑनलाइन शॉपिंग आदि में खर्च कर देते हैं।
इसके बाद बची राशि एटीएम के जरिए निकाली जाती है। इस राशि को भी इतने लेयर में अलग-अलग खातों में भेजा जाता है ताकि जांच प्रभावित हो सके।
एनसीआरपी से मिला सुराग, दुकानों के सीसीटीवी से एटीएम पर नजर:
सीसीएसयू के अधिकारियों के अनुसार, एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित 341, केनरा बैंक खाते से संबंधित पांच और एसबीआई से संबंधित चार शिकायतें मिलीं।
इसकी तकनीकी जांच में पटना के अलग-अलग इलाकों के एटीएम से पैसे की निकासी किए जाने की जानकारी मिली। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तो एटीएम के पिन होल कैमरे गड़बड़ मिले।
पैसे की निकासी के बाद मिलने वाली पर्ची में भी समय की स्टांपिंग नहीं थी। ऐसे में पुलिस की टीम ने ऐसे संदिग्ध एटीएम के अगल-अगल की दुकानों के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से अभियुक्तों की पहचान की।
500 रुपये में आधार पर दर्ज करते थे पटना का फर्जी पता:
सीसीएसयू को गुप्त सूचना मिली कि इस गिरोह के जुड़े साइबर अपराधी पटना के अगमकुआं के शीतलानगर में किराये के मकान में रह रहे हैं। इसके बाद छापामारी कर दो फ्लैटों से नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने पटना सिटी के बनवारी टोला से मो. मजीद को गिरफ्तार किया।
इसमें जानकारी मिली कि मजीद साइबर कैफे के मााध्यम से कुछ व्यक्तियों के आधार पर पटना का फर्जी तरीके से पता अंकित करता था। पता बदलने के लिए 500, जबकि मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए 300 रुपये लिए जाते थे।
यह साइबर ठग हुए गिरफ्तार:
राहुल कुमार, कुलदीप सिंह, राजू कुमार, कन्हैया कुमार, शिशुपाल सिंह, विष्णु कुमार, राहुल हैला, धनराज कुमार, शादिक आलम, मो. मजीद।
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