दरभंगा जिला परिषद विवाद: अविश्वास प्रस्ताव बरकरार, हाई कोर्ट ने खारिज की सीता देवी की याचिका
पटना हाई कोर्ट ने दरभंगा जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष सीता देवी की अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका ...और पढ़ें

दरभंगा जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष सीता देवी को हाई कोर्ट से बड़ा झटका (फाइल फोटो)
HighLights
पटना हाई कोर्ट ने सीता देवी की याचिका खारिज कर दी।
दरभंगा जिला परिषद के अविश्वास प्रस्ताव को अदालत ने सही ठहराया।
अदालत ने कहा, निर्वाचित पदाधिकारी को सदस्यों का विश्वास रखना होगा।
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने दरभंगा जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष सीता देवी को बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ए. अभिषेक रेड्डी की एकलपीठ ने कहा कि याचिका में हस्तक्षेप का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।
अदालत ने विशेष बैठक में पारित अविश्वास प्रस्ताव के परिणाम में दखल देने से इनकार कर दिया। सीता देवी वर्ष 2021 में दरभंगा जिला परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। छह अप्रैल 2026 को 27 निर्वाचित सदस्यों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मांग पत्र दिया था।
इसके बाद जिलाधिकारी ने 17 अप्रैल को नोटिस जारी कर 30 अप्रैल को विशेष बैठक बुलाई, जिसमें बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वाई. वी. गिरि ने दलील दी कि उनकी अध्यक्ष पद से हटाया जाना बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 70(4) के विपरीत है।
यह भी कहा गया कि विशेष बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी के बजाय अपर जिलाधिकारी (आपदा प्रबंधन) ने की तथा प्रस्ताव के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी था।
वहीं, प्रतिवादी संख्या-8 रेनू देवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सीता देवी ने सदस्यों की मांग को 11 अप्रैल को स्वयं खारिज कर दिया था। उनके हटने के बाद हुए चुनाव में रेनू देवी नई अध्यक्ष निर्वाचित हुईं।
अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में यह साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं है कि बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने नहीं की थी। अदालत ने कहा कि निर्वाचित पदाधिकारी को पद पर बने रहने के लिए सदस्यों का बहुमत का विश्वास कायम रखना आवश्यक है।
