मायके की दूरी का बहाना नहीं आया काम, पटना से बेगूसराय केस ट्रांसफर की मांग खारिज; पत्नी को झटका
पटना हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद में पत्नी की तलाक का मुकदमा बेगूसराय स्थानांतरित करने की मांग खारिज कर दी। ...और पढ़ें

मायके की दूरी का बहाना नहीं आया काम, पटना से बेगूसराय केस ट्रांसफर की मांग खारिज; पत्नी को झटका
HighLights
पत्नी ने तलाक का मुकदमा पटना से बेगूसराय ट्रांसफर करने की मांग की।
हाई कोर्ट ने पाया पत्नी ने कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए थे।
मुकदमा अंतिम चरण में, ट्रांसफर के लिए पर्याप्त आधार नहीं।
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में पत्नी की केस ट्रांसफर करने की मांग खारिज कर दी। पत्नी पटना फैमिली कोर्ट में लंबित तलाक के मुकदमे को बेगूसराय स्थानांतरित कराना चाहती थी।
कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया था। न्यायाधीश जी. अनुपमा चक्रवर्ती की एकल पीठ ने रजनी कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता के अनुसार, उनकी शादी 22 जून 2018 को सौरभ कुमार से हुई थी। वैवाहिक मतभेद और दहेज की मांग के कारण उन्हें मायके लौटना पड़ा।
उन्होंने दलील दी कि पटना उनके मायके से करीब 110-120 किलोमीटर दूर है। ऐसे में वहां मुकदमे की सुनवाई में शामिल होना असुरक्षित और असुविधाजनक है।
वहीं, पति की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे में बताया गया कि पत्नी पहले पटना में कई मामले दर्ज करा चुकी हैं और वहां रह भी चुकी हैं। ट्रांसफर याचिका में इन तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया।
हाई कोर्ट ने पाया कि तलाक का मुकदमा सुनवाई के अंतिम चरण में है। मुकदमे के मुद्दे तय हो चुके हैं और साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं। पति राज्य से बाहर नौकरी करता है, ऐसे में मुकदमा स्थानांतरित होने से उसे भी परेशानी होगी।
कोर्ट ने कहा कि पत्नी सुरक्षा संबंधी खतरे या असाधारण कठिनाई के पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सकीं। इन परिस्थितियों में केस ट्रांसफर का कोई ठोस आधार नहीं मिला। इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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