बिहार के युवा वकीलों को राहत, शुरुआती आर्थिक संघर्ष को कम करने के लिए स्टाइपेंड योजना शुरू
बिहार में युवा अधिवक्ताओं के शुरुआती आर्थिक संघर्ष को कम करने के लिए स्टाइपेंड योजना का शुभारंभ किया गया है। ...और पढ़ें

बिहार में युवा वकीलों को मिला आर्थिक संबल, स्टाइपेंड योजना का शुभारंभ
HighLights
युवा अधिवक्ताओं के लिए बिहार में स्टाइपेंड योजना शुरू।
पहले चरण में 160 वकीलों को मिलेगा आर्थिक लाभ।
मुख्यमंत्री ने रामबालक महतो स्मृति सभागार का उद्घाटन किया।
विधि संवाददाता, पटना। बिहार में वकालत के पेशे में कदम रखने वाले युवा अधिवक्ताओं के शुरुआती आर्थिक संघर्ष को कम करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई।
राज्य में युवा अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना का शुभारंभ किया गया। पहले चरण में 160 युवा अधिवक्ताओं को इस योजना का लाभ देने के लिए चिह्नित किया गया है।
इस अवसर पर महाधिवक्ता एस.डी. संजय ने कहा कि यह पहल युवा अधिवक्ताओं के वर्षों पुराने सपने को साकार करने का प्रयास है। वकालत के शुरुआती दौर में युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
मुकदमों की तैयारी, अदालतों में नियमित उपस्थिति और अपनी पेशेवर पहचान बनाने के दौरान उन्हें आमदनी के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में स्टाइपेंड योजना उन्हें शुरुआती दौर में आर्थिक संबल प्रदान करेगी।
पहले चरण में 160 अधिवक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा, लेकिन इस पहल का प्रभाव आने वाले समय में बिहार की युवा अधिवक्ता पीढ़ी तक पहुंचने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना हाई कोर्ट परिसर स्थित महाधिवक्ता कार्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन भी किया।
इसका नामकरण बिहार के पूर्व महाधिवक्ता एवं वरीय अधिवक्ता स्वर्गीय रामबालक महतो के सम्मान में ‘रामबालक महतो स्मृति सभागार’ किया गया है। मुख्यमंत्री ने उनके चित्र का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह का आयोजन एल.एन. मिश्रा इंस्टीट्यूट के ऑडिटोरियम में किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, कानून मंत्री संजय सिंह टाइगर, पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव, न्यायाधीश सुधीर सिंह, न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद और महाधिवक्ता एस.डी. संजय सहित बड़ी संख्या में न्यायाधीश, सरकारी अधिवक्ता, वरीय अधिवक्ता एवं विधि पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सरकारी अधिवक्ता अनुकृति जयपुरियार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अपर महाधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने किया।