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पटना हाई कोर्ट से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को राहत, 50 साल पुराने जमीन अधिग्रहण मामले में मिलेगा मुआवजा

Published: Wed, 21 Oct 2026 03:32 PM (IST)

पटना हाई कोर्ट ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार (Meira Kumar) की याचिका स्वीकार कर उन्हें अधिग्रहित जमीन का मुआवजा पाने का हकदार माना है।

पटना हाई कोर्ट से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को राहत, 50 साल पुराने जमीन अधिग्रहण मामले में मिलेगा मुआवजा (PTI)

पटना हाई कोर्ट से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को राहत, 50 साल पुराने जमीन अधिग्रहण मामले में मिलेगा मुआवजा (PTI)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने मीरा कुमार की याचिका स्वीकार की।

  2. अधिग्रहित जमीन का मुआवजा पाने की हकदार बनीं।

  3. जिलाधिकारी का आदेश रद्द, जमाबंदी बहाल हुई।

विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें अधिग्रहित जमीन का मुआवजा पाने का हकदार माना है।

न्यायाधीश खतीम रजा की एकलपीठ ने फैसले में पटना के जिलाधिकारी का 12 अप्रैल 2023 का आदेश रद् कर परिवार की जमाबंदी बहाल करने का निर्देश दिया।

मामला पटना के मैनपुरा में करीब 18 कट्ठा 10 धूर जमीन का है, जिसे राज्य सरकार ने 1975-76 में नाला निर्माण के लिए अधिग्रहित किया था।

जमीन पर निर्माण होने के बावजूद मूल भू-स्वामिनी इंद्राणी देवी और उनकी उत्तराधिकारी मीरा कुमार को मुआवजा नहीं मिला। बाद में जिलाधिकारी ने जमाबंदी रद् कर जमीन को गैरमजरुआ आम घोषित कर दिया था।

1941 की बंदोबस्ती रद करने पर सवाल

हाई कोर्ट ने बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धाराओं 3 और 4(ह) की व्याख्या करते हुए कहा कि धारा 4(ह) के तहत कार्रवाई से पहले संबंधित संपत्ति का कानूनन राज्य में निहित होना साबित करना जरूरी है। राज्य सरकार ऐसी अधिसूचना पेश नहीं कर सकी।

अदालत ने यह भी पाया कि तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार जमीन की मूल बंदोबस्ती 1941 में हुई थी, जबकि धारा 4(ह) एक जनवरी 1946 के बाद के हस्तांतरण या बंदोबस्ती पर लागू होती है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दशकों पुरानी जमाबंदी और राजस्व प्रविष्टियों को संक्षिप्त प्रशासनिक कार्यवाही से रद नहीं किया जा सकता।

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