पटनावासी खरीदेंगे 6 क्विंटल सोना और 12000 kg से अधिक चांदी, कीमतों में गिरावट से बढ़ी डिमांड
सोना-चांदी की कीमतों में 10 माह की गिरावट से पटना के सर्राफा बाजार में रौनक बढ़ गई है, जिससे धनतेरस और लग्न के लिए भारी मांग देखी जा रही है।

दीपावली पर धनतेरस की खरीददारी के लिए तैयार ज्वेलरी की दुकानें। जागरण
HighLights
सोना-चांदी की कीमतें 10 माह के न्यूनतम स्तर पर।
पटना में 600 किलो सोना, 12-15 हजार किलो चांदी बिकने का अनुमान।
हॉलमार्किंग अनिवार्य, एचयूआईडी कोड से शुद्धता की जांच।
जयशंकर बिहारी, पटना। सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट से राजधानी के सर्राफा बाजार में चमक बढ़ गई है। सोना-चांदी की दर 10 माह के न्यूनतम मूल्य पर पहुंच गई है। धनतेरस और छठ के बाद लग्न शुरू होने का प्रभाव अच्छी बुकिंग में दिख रहा है।
ग्राहकों को ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए कारोबारी भी बुकिंग पर आकर्षक ऑफर दे रहे हैं। पाटलिपुत्र सर्राफा संघ ने ग्राहकों को प्रतिदिन के भाव की जानकारी के लिए क्यूआर कोड जारी किया है, जिसे स्कैन करते ही उस दिन का भाव पता चल जा रहा है।

इंडियन बुलियन एंड जेवेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (आइबीजेए), बिहार चैप्टर के प्रदेश अध्यक्ष चंदन सोनी ने बताया कि पिछली दिवाली में पटना में 450 किलोग्राम सोना तथा 10 हजार किलोग्राम चांदी के गहने, सिक्के, बार आदि की बिक्री हुई थी।
राज्य में यह आंकड़ा क्रमश: 900 किलोग्राम और 25 हजार किलोग्राम के आसपास था। इस बार सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का प्रभाव दिखने की संभावना है। पटना में सोने का बाजार इस बार लगभग 600 किलोग्राम और चांदी 12 से 15 हजार किलोग्राम तक जाने की संभावना है।
वहीं, राज्य में यह आंकड़ा दोगुना से अधिक रहने की संभावना है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार सोना-चांदी में निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ी है। पिछले वर्षों में जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में उछाल दिखा है।

उससे महंगी धातु में निवेश को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। धनतेरस बाजार को प्रोत्साहित करने के लिए गहना दुकानों में मेकिंग चार्ज पर आकर्षक छूट दी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदारी करते समय गहने की शुद्धता की कीमत और उसे बनाने का खर्च अलग-अलग कैलकुलेट करवाना बेहतर होता है। आफर को अच्छी तरह से परख लें।
सोना-चांदी के सिक्के और बार एक से पांच प्रतिशत के मेकिंग चार्ज पर उपलब्ध हैं। कई स्टोर में हीरे के गहने पर मेकिंग चार्ज शून्य लिया जा रहा है। सामान्य तौर पर हीरे के गहने के साथ 18 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है।
एचयूआइडी कोड से मिलेगी शुद्धता की जानकारी
पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि भारत सरकार ने सोने के आभूषणों पर हाल मार्किंग अनिवार्य कर दी है। एक असली हालमार्क में तीन निशान होते हैं। बीआइएस लोगो के साथ शुद्धता का ग्रेड अंकित होता है। यह बताता है कि सोना कितने कैरेट का है। 24 कैरेट का होने पर 999 अंकित होता है।
यह मुख्य रूप से सिक्का, बार आदि में होता है। गहने 22 कैरेट से प्रारंभ होते हैं। 22 कैरेट के गहनों पर 916, 18 कैरेट पर 750 तथा 14 कैरेट पर 585 लिखा होता है। इसके साथ ही सभी गहनों का अपना-अपना एचयूआइडी अल्फान्यूमेरिक कोड होता है।
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छह अंकों के इस कोड को बीआइएस केयर एप पर सबमिट करने पर संबंधित गहने की शुद्धता, बनाने वाले का रजिस्ट्रेशन आदि जानकारी प्राप्त हो जाती है। य
दि अल्फान्यूमेरिक कोड एप सबमिट करने के बाद जानकारी उपलब्ध नहीं होती है तो उसे भारतीय मानक ब्यूरो के लैब में चेक नहीं किया गया है। बिल पर सोने व चांदी का वजन, कैरेट व शुद्धता का प्रतिशत और एचयूआइडी नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
चांदी के गहने पर भी होती है हाल मार्किंग
कारोबारियों के अनुसार सोने की तरह चांदी पर भी बीआइएस हाल मार्किंग की जाती है। यह फिलहाल स्वैच्छिक है। चांदी की शुद्धता को फाइननेस में मापा जाता है। गहने और बर्तन के लिए सबसे अच्छा स्टर्लिंग सिल्वर (92.5 प्रतिशत शुद्ध) माना जाता है। इस पर हालमार्किंग के लोगो के साथ 925 अंकित होता है।
सिक्के और बार 99.9 प्रतिशत शुद्ध होते हैं। इन पर 999 अंकित होता है। चांदी के गहने और बर्तन पर बारीक डिजाइन के लिए 100 से 500 प्रतिशत तक मेकिंग चार्ज लगता है। हैंडमेड नक्काशी वाले बर्तनों और गहनों का मेकिंग चार्ज अधिक होता है। वहीं, मशीन से तैयार बर्तन और गहने का मेकिंग चार्ज पांच से 100 प्रतिशत तक होता है।
राज्य की 60 प्रतिशत दुकानों का रजिस्ट्रेशन नहीं
सर्राफा संघ के अनुसार देश में पांच लाख से अधिक सोना-चांदी की दुकानें हैं। इनमें से 2.2 लाख के पास ही भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) का रजिस्ट्रेशन है। इसमें बिहार की स्थिति ज्यादा ही दयनीय है। 12 हजार से अधिक सोना-चांदी की दुकानों में सिर्फ 4850 ही बीआइएस से रजिस्टर्ड हैं।
रजिस्ट्रेशन वाली दुकानों में बीआइएस से हाल मार्किंग गहने, सिक्का और बार की बिक्री होती है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, रोहतास सहित राज्य के 25 जिलों में हालमार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
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