पटना में चैती छठ के लिए 54 घाटों पर कड़ी सुरक्षा, 8 घाट खतरनाक घोषित; उपयोग करने पर लगी रोक
पटना में चैती छठ 22 से 25 मार्च तक मनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने गंगा के आठ घाटों को खतरनाक ...और पढ़ें

गंगा घाट का निरीक्षण करते जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, नगर आयुक्त यशपाल मीणा व अन्य। (सौ. जिला प्रशासन)
HighLights
आठ गंगा घाटों को खतरनाक घोषित कर प्रतिबंधित किया गया।
सुरक्षा हेतु एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और गोताखोर तैनात रहेंगे।
श्रद्धालुओं से सुरक्षित घाटों पर ही छठ मनाने की अपील।
जागरण संवाददाता, पटना। इस वर्ष चैती छठ 22 से 25 मार्च तक मनाया जाएगा। 22 मार्च को नहाय-खाय, 23 को खरना, 24 मार्च को संध्याकालीन अर्घ्य और 25 को प्रातःकालीन अर्घ्य दिया जाएगा।
चैती छठ को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा निर्णय लिया है। गंगा नदी के आठ घाटों को विभिन्न मानकों जैसे नदी का कटाव, जल-स्तर और धारा की तीव्रता के आधार पर खतरनाक घोषित किया गया है।
इन घाटों पर श्रद्धालुओं के जाने और किसी भी प्रकार के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी चिह्नित घाटों को लाल रंग से घेरकर स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि आमजन को दूर से ही इसकी जानकारी मिल सके।
साथ ही, इन स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का भी आदेश दिया गया है, जिससे किसी प्रकार की अवहेलना या अनहोनी की स्थिति न उत्पन्न हो।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गंगा के इन घाटों पर जलस्तर में उतार-चढ़ाव और तेज कटाव के कारण खतरा बना हुआ है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। छठ व्रतियों और आम नागरिकों से अपील की गई कि वे केवल सुरक्षित और अधिकृत घाटों का ही उपयोग करें।
जिला प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित घाटों की ओर न जाएं, ताकि पर्व के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त यशपाल मीणा एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ गंगा घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को लेकर सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्रुटिहीन तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दानापुर से पटना सिटी तक करीब 54 गंगा घाटों को 19 सेक्टर में बांटकर सेक्टर पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। घाटों के निर्माण, संपर्क मार्ग, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, शौचालय, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
ये घाटें खतरनाक
- एलसीटी घाट
- राजापुर पुल घाट
- पहलवान घाट
- बांस घाट
- शिव घाट
- दीदारगंज घाट पूर्वी
- रिकाबगंज घाट
- बुंदेलटोली घाट
SDRF-NDRF के साथ गोताखोर तैनात
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि पर्व के दौरान सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों के तहत दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की जाए।
नदी घाटों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के साथ प्रशिक्षित गोताखोरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के साथ नियमित रिवर पेट्रोलिंग कराई जाएगी।
इसके अलावा, नदियों में निजी नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने, मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड में रखने और ग्राम रक्षा दल व नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसी कैमरों और ड्रोन के जरिए सतत निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
पांच करोड़ की लागत से संवर रहे घाट
नगर निगम ने छठ पर्व को लेकर तैयारियों को रफ्तार देते हुए घाटों की सफाई, सुरक्षा और सुंदरीकरण कार्य को अंतिम दौर में पहुंचा दिया है। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
निगम का फोकस सिर्फ गंगा घाटों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के मोहल्लों में स्थित तालाबों और पार्कों को भी व्रतियों के अनुकूल बनाया जा रहा है। अजीमाबाद अंचल के गाय घाट, सिद्धी घाट और महाराज घाट के साथ पटना सिटी के कंगन घाट समेत अन्य घाटों पर साफ-सफाई और मरम्मत का काम तेज गति से जारी है।
वहीं, कंकड़बाग अंचल में पार्कों के अंदर स्थित तालाबों को छठ पूजा के लिए तैयार किया जा रहा है। नूतन राजधानी अंचल के महुआबाग, बीएमपी-5 परिसर, पटना जू और मानिकचंद तालाब पर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
घाटों पर अस्थायी बैरिकेडिंग, दलदली हिस्सों में बालू भराई, बांस की चाली बिछाने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। निगम ने निर्माण और सफाई से जुड़े अधिकांश कार्य शुक्रवार तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
पाटलिपुत्र अंचल के पाटीपुल पूर्वी-पश्चिमी घाट, कलेक्ट्रेट घाट, बांसघाट, एलसीटी घाट सहित घाट संख्या 93, 88 और 83 पर विशेष सुधार कार्य चल रहे हैं।
वहीं, बांकीपुर अंचल के काली घाट, कदम घाट, पटना कालेज घाट, गांधी घाट और ला कालेज घाट को भी आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। काली घाट से पथरी घाट तक पूरे क्षेत्र को एलईडी लाइटों से रोशन किया जाएगा, ताकि अर्घ्य के समय व्रतियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
