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15 नवंबर से शुरू होगा मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन, बिहार-झारखंड का सफर होगा आसान

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:37 PM (IST)

मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोर लेन सड़क के पैकेज-1 पर 15 नवंबर से वाहनों का परिचालन शुरू होगा। यह सड़क मुंगेर को झारखंड से जोड़ेगी, जिससे व्यापार और परिवहन में तेजी आएगी।

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पैकेज-1: 15 नवंबर से वाहनों के लिए खुलेगी सड़क (AI Generated Image)

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पैकेज-1: 15 नवंबर से वाहनों के लिए खुलेगी सड़क (AI Generated Image)

HighLights

  1. 15 नवंबर से मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पैकेज-1 पर परिचालन शुरू।

  2. 22.56 किमी सड़क 845.27 करोड़ की लागत से हुई तैयार।

  3. बिहार-झारखंड के बीच व्यापार, परिवहन को मिलेगी नई गति।

राज्य ब्यूरो, पटना। मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोर लेन सड़क के पैकेज-1 के तहत 845.27 करोड़ की लागत से बनी 22.56 किमी सड़क पर 15 नवंबर से वाहनों का परिचालन आरंभ हो जाएगा। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

मुंगेर के जानकी नगर से खड़िया गांव तक 22.56 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का 87.14 फीसदी (21 किमी) से अधिक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि मुंगेर-मिर्जा चौकी पैकेज-1 का निर्माण पथ निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था।

उन्होंने कहा कि गंगा नदी के समीप स्थित होने के कारण यह पूरा इलाका साल में तीन से चार महीने भीषण बाढ़ और जलजमाव की चपेट में रहता था, जिससे तटबंध निर्माण के लिए जरूरी मिट्टी की उपलब्धता पूरी तरह ठप हो जाती थी।

इसके अलावा, शुरुआती दौर में भू-स्वामियों के मुआवजे के विवाद के कारण 9.5 किलोमीटर लंबे हिस्से में निर्माण कार्य बाधित हुआ था।

राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग ने इस गतिरोध को तोड़ने के लिए दूरदर्शी नीति अपनाई। 22 सितंबर 2023 के प्रशासनिक निर्णय से भू-अधिग्रहण के मुद्दों को सुलझाया गया और जिला प्रशासन की मदद से चरणबद्ध तरीके से जमीन का अधिग्रहण पूरा कराया गया।

वहीं, मिट्टी की कमी से निपटने के लिए एनटीपीसी (एनटीपीसी) से पांड ऐश की आपूर्ति सुनिश्चित कर तटबंध का मजबूत ढांचा खड़ा किया गया। विभाग के इस त्वरित प्रबंधन और सतत प्रयास का परिणाम है कि आज यह ड्रीम प्रोजेक्ट पूरी तरह धरातल पर उतर चुका है।

मार्ग का बड़ा हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है और वर्तमान में केवल ओवरब्रिज (आरओबी) के पहुंच मार्ग, अंडरपास कनेक्टिविटी एवं कुछ सीमित हिस्सों में कंक्रीट बिछाने का अंतिम कार्य चल रहा है, जिसे निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

पथ निर्माण विभाग के सचिव ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से मुंगेर और इसके आसपास के इलाकों को वर्षों पुराने संकरे रास्तों और भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात मिलेगी।

मुंगेर से भागलपुर, बांका और झारखंड सीमा तक का सफर अब बिना किसी रुकावट के बेहद कम समय में पूरा होगा। यह फोरलेन मार्ग बिहार को पड़ोसी राज्य झारखंड (मिर्जा चौकी/साहिबगंज) से सीधे जोड़ेगा, जिससे अंतर्राज्यीय परिवहन और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही इस मार्ग से माल ढुलाई सस्ती और आसान होगी।

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