यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सृजन घोटाला: मनोरमा देवी के बाद काला कारोबार संभालती थी रजनी प्रिया
सीबीआइ का मानना है कि रजनी प्रिया ही वह शख्स है जिसे सृजन घोटाले की शुरुआत से लेकर अबतक की ...और पढ़ें

पटना [राज्य ब्यूरो]। सृजन घोटाले की मौजूदा किंगपिन रजनी प्रिया और उसके पति अमित कुमार के तलाश के लिए सीबीआइ ने अपने डीएसपी स्तर के अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया है। सीबीआइ की इस विशेष टीम को रजनी प्रिया और अमित कुमार की देशव्यापी तलाश करने का टास्क दिया गया है।
दरअसल, सीबीआइ का मानना है कि रजनी प्रिया ही वह शख्स है जिसे इस घोटाले की शुरुआत से लेकर अबतक की पूरी कहानी मालूम है। रजनी प्रिया की गिरफ्तारी से करीब एक हजार करोड़ रुपये के इस घोटाले से जुड़े कई सफेदपोशों के चेहरे से नकाब उतर सकता है।
रजनी सृजन महिला विकास सहयोग समिति की संस्थापक दिवंगत मनोरमा देवी की बहू है। वे सृजन की सचिव और इस संस्था से जुड़े सभी सफेदपोशों की सबसे बड़ी राजदार भी हैं। उसके विदेश भाग जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
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सृजन घोटाले की सीबीआइ जांच की अनुशंसा के साथ रजनी प्रिया और उसके पति अमित कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। लुकआउट नोटिस जारी होने के एक सप्ताह बाद भी उसका अबतक कोई सुराग नहीं मिल सका है। सूत्र बताते हैं कि दोनों पति-पत्नी अपनी फरारी के बाद मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
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रजनी प्रिया के संबंध में कहा जाता है कि विगत फरवरी माह में मनोरमा देवी के निधन के बाद से सृजन के सभी बैंक खातों का संचालन वे ही कर रही थी। लेकिन विगत 4 अगस्त को जिला प्रशासन द्वारा 10.37 करोड़ के एक चेक के बाउंस हो जाने के बाद से ही वह लापता है।
बता दें कि सीबीआइ ने इस घोटाले में प्राथमिकी दर्ज करते ही शनिवार को सबसे पहले रजनी प्रिया और उसके पति की तलाश में उसके भागलपुर के तिलकामांझी स्थित आवास के साथ ही उसके पति के नवगछिया के गोसाईगांव स्थित पैतृक आवास की तलाशी ली। लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।