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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कारनामों से चर्चित लालूपुत्र तेजप्रताप यादव ने जमकर खेली होली

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 14 Mar 2017 07:39 AM (IST)Updated: Tue, 14 Mar 2017 11:46 PM (IST)

लालूपुत्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने दोस्तों संग खूब होली खेली, गीत गाया और जमकर नाचे।

कारनामों से चर्चित लालूपुत्र तेजप्रताप यादव ने जमकर खेली होली
कारनामों से चर्चित लालूपुत्र तेजप्रताप यादव ने जमकर खेली होली

 पटना [जेएनएन]। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भले ही होली नहीं मनाई, लेकिन उनके बड़े बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव अपने दोस्तों के साथ जमकर झूमे और खूब होली खेली। सुबह से ही तेज प्रताप यादव अपने दोस्तों के साथ होली खेलते नजर आए।

तेजप्रताप यादव के लिए होली गाने वाले लोगों को भी बाहर से बुलाया गया था। इन लोगों ने जमकर होली के गाने गाए और जमकर डांस भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस अवसर पर होली के गाने से लोगों का मनोरंजन किया। 

इससे पहले तेजप्रताप ने अपने घर पर सरस्वती पूजा की, इस दौरान वे हलवाई के रूप में नजर आए थे। उन्होंने अपने हाथ से जलेबियां बनाई थी। तेज प्रताप ने अपने घर पर सरस्वती की पूजा के दौरान छात्र राजद की पूरी टीम के साथ हवन और आरती किया था। इसके साथ ही इस पूजा में शामिल होने वाले सभी लोगों को खुद ही खाना परोसा था।

बतातें चले कि वे पहले भी लालू पुत्र तेजप्रताप कई अनोखे रूप सामने आ चुके हैं। इससे पहले तेज प्रताप बांसुरी बजाते हुए कन्हैया के रूप में नजर आए थे। इसके अलावा के पटना की सड़कों पर घोड़े दौराते और गौशाला में कृष्ण के रूप में दिखे थे। साथ ही वे गर्मियों में स्विमिंग पूल में भी अपने दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए नजर आए थे।

रामकृपाल ने चलाया रिक्शा
भाजपा सांसद और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव सोमवार को होली के रंग में रंगे दिखे। उत्तरप्रदेश में भाजपा को मिली जीत से उत्साहित रामकृपाल के घर पर सुबह से ही होली खेलने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान रामकृपाल ने सबको रंग लगाया और ढोल मंजीरे के साथ फाग गाया।
घर में कुर्ता फाड़ होली खेलने के बाद रामकृपाल सड़क पर निकले तो लोग उन्हें देखते ही रह गए। वह रिक्शा चला रहे थे और रिक्शा पर मजदूर बैठे थे। मजदूरों को वह काफी देर तक रिक्शा से घुमाते रहे। इस दौरान रामकृपाल होली है... होली है... के नारे लगाते रहे।