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खान सर फायरिंग केस में नया खुलासा, मारपीट के 20 मिनट बाद बॉडीगार्ड ने चलाई थी गोली

Published: Thu, 18 Jun 2026 10:28 PM (IST)Updated: Thu, 18 Jun 2026 10:35 PM (IST)

पुलिस की केस डायरी से खुलासा हुआ है कि खान सर के बॉडीगार्ड ने मारपीट के 20 मिनट बाद गोली ...और पढ़ें

सीसीटीवी फुटेज से सामने आई फायरिंग की तस्वीर

सीसीटीवी फुटेज से सामने आई फायरिंग की तस्वीर

HighLights

  1. पुलिस के अनुसार गोलीबारी आत्मरक्षा में नहीं, दहशत फैलाने को हुई।

  2. मारपीट के 20 मिनट बाद बाडीगार्ड्स ने चलाई थी गोली।

  3. 20 जून को खान सर की गिरफ्तारी रोक अवधि समाप्त।

जागरण संवाददाता, पटना। खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दो जून की रात हुई फायरिंग की घटना में पुलिस की केस डायरी ने उनके दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार गोलीबारी आत्मरक्षा में नहीं, बल्कि इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। इस मामले में 20 जून की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन खान सर की गिरफ्तारी पर लगी रोक की अवधि समाप्त हो रही है और उनके बाडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आई फायरिंग की तस्वीर

घटना के बाद शुरुआती स्तर पर फैजल खान की ओर से बाडीगार्ड्स द्वारा फायरिंग किए जाने की बात सामने नहीं लाई गई थी।

उनके मैनेजर की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में भी गोलीबारी का कोई उल्लेख नहीं था। हालांकि, पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर दोनों बाडीगार्ड्स प्रदीप और तालेबर सिंह फायरिंग करते दिखाई दिए।

आत्मरक्षा के दावे पर उठे सवाल

सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद खान सर की ओर से फायरिंग को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया गया था।

लेकिन पुलिस की केस डायरी के अनुसार मारपीट और तोड़फोड़ की घटना रात 10:10 बजे हुई थी, जबकि गोलीबारी करीब 20 मिनट बाद रात 10:30 बजे की गई। इसी समय अंतर को आधार बनाकर पुलिस ने आत्मरक्षा के दावे को खारिज कर दिया है।

बाडीगार्ड्स के बयान का भी जिक्र

पुलिस के बयान के आधार पर फैजल खान और उनके दोनों अंगरक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

हिरासत में लिए गए प्रदीप और तालेबर सिंह ने कथित रूप से पुलिस को बताया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि फैजल खान के निर्देश पर गोली चलाई थी।

अदालत में साबित करना होगा सेल्फ डिफेंस

अदालत ने पुलिस को 20 जून या उससे पहले हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

कानूनी जानकारों के अनुसार आत्मरक्षा का दावा स्वीकार कराने के लिए यह साबित करना आवश्यक होगा कि घटना के समय तत्काल जान का गंभीर खतरा था और हमलावरों के पास ऐसे हथियार थे, जिनसे अनहोनी की आशंका थी।

रौशन आनंद कोर्ट में दायर करेंगे परिवाद

दूसरी ओर, रौशन आनंद ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद मामला दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है।

उनके वकील निरंजन कुमार सिंह के अनुसार अब इस मामले में शुक्रवार को अदालत में सीधे परिवाद (कंप्लेंट केस) दायर किया जाएगा।

फैजल खान और अन्य पर लगाए गंभीर आरोप

रौशन आनंद ने कदमकुआं थाने में तीन पन्नों का लिखित आवेदन देकर फैजल खान और कोल्ड स्टोरेज के मालिक डॉ. आरएस प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने दावा किया है कि उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में साजिश के तहत हत्या कराई गई। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि जेल में बंद प्रदीप और तालेबर सिंह के माध्यम से उनकी भी हत्या की साजिश रची गई थी।

हालांकि, इन आरोपों पर अभी पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

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