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कौन हैं IPS भानु प्रताप सिंह? प्रेम विवाह के बाद UPSC में सफलता, अब पत्नी पूजा बेटी से मिलाने के लिए CM आवास पहुंचीं

Published: Tue, 03 Nov 2026 11:03 AM (IST)

खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा सिंह ने अपनी बेटी से मिलने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ...और पढ़ें

खगड़िया के SP भानु प्रताप सिंह

खगड़िया के SP भानु प्रताप सिंह

HighLights

  1. पूजा सिंह ने बेटी से मिलने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर धरना दिया।

  2. खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप।

  3. आईपीएस बनने के बाद पति पर बेटी से दूर रखने का आरोप।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार कैडर के IPS अधिकारी और खगड़िया के SP भानु प्रताप सिंह इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। उनकी पत्नी पूजा सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास के बाहर धरना देकर उनसे अपनी छह साल की बेटी से मिलवाने की गुहार लगाई है।

पूजा का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आखिरी उम्मीद बताते हुए अपनी परेशानी सामने रखी है।

इस विवाद के बीच लोगों के मन में सवाल है कि आखिर IPS भानु प्रताप सिंह कौन हैं, उनका अब तक का सफर कैसा रहा और प्रेम विवाह के बाद उनके वैवाहिक जीवन में ऐसा क्या हुआ कि मामला मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गया?

2021 बैच के IPS अधिकारी हैं भानु प्रताप सिंह

भानु प्रताप सिंह बिहार कैडर के 2021 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। फिलहाल वह खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह मुजफ्फरपुर और दानापुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर क्षेत्र के रहने वाले भानु प्रताप सिंह ने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। उनके पिता भारतीय सेना में कार्यरत थे। सिंह ने एक कार्यक्रम में बताया था कि बचपन में पिता को वर्दी में देखकर उनके मन में भी अधिकारी बनने की इच्छा पैदा हुई थी।

पांच प्रयास के बाद UPSC में मिली सफलता

भानु प्रताप सिंह का IPS बनने का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में पांच बार प्रयास किया। शुरुआती दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने तैयारी जारी रखी।

तीसरे और चौथे प्रयास में उनका चयन अन्य सरकारी सेवाओं के लिए हुआ। इनमें भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा और भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा शामिल थीं। हालांकि, उनका लक्ष्य IPS अधिकारी बनना था।

आखिरकार UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2020 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 372 हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए। इसके बाद उन्हें बिहार कैडर मिला।

2015 में हुई मुलाकात, परिवार की नाराजगी के बावजूद की शादी

पूजा सिंह के मुताबिक, उनकी और भानु प्रताप सिंह की पहली मुलाकात 2015 में कोलकाता में एक पारिवारिक समारोह के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि, दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे।

पूजा का कहना है कि वह भानु प्रताप के साथ रहने के लिए कोलकाता स्थित अपना घर छोड़कर भरतपुर चली गई थीं। परिवारों की नाराजगी के बावजूद दोनों ने 16 जनवरी 2016 को शादी कर ली।

शादी के बाद पूजा ने करीब पांच साल तक भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। उनके अनुसार, इस दौरान उन्होंने भानु प्रताप की UPSC की तैयारी में भी सहयोग किया। वर्ष 2020 में दोनों के घर बेटी का जन्म हुआ।

IPS बनने के बाद रिश्ते में आई खटास, पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

पूजा का आरोप है कि भानु प्रताप सिंह के IPS में चयन के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। उन्होंने दावा किया है कि उन पर पति से अलग होने का दबाव बनाया गया और अब उन्हें अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

पूजा के मुताबिक, भानु प्रताप तलाक चाहते हैं, जबकि वह अभी भी वैवाहिक रिश्ता बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी मांग पति की नौकरी या करियर को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी बेटी से मिलने और उसके संपर्क में रहने का अधिकार पाना है।

इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भानु प्रताप सिंह की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।

भरतपुर में ससुराल के बाहर बैठीं, थाने तक पहुंचा मामला

पूजा इससे पहले राजस्थान के भरतपुर में भी बेटी से मिलने पहुंची थीं। उनके अनुसार, वह अपने ससुराल के घर पहुंचीं और काफी देर तक दरवाजा खटखटाती रहीं, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।

इसके बाद वह अपनी ननद के घर गईं, लेकिन वहां भी दरवाजा नहीं खुलने का आरोप लगाया। बाद में पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पति व उनके परिवार के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बेटी से दूर रखा जा रहा है।

पूजा के अनुसार, पुलिस ने भानु प्रताप सिंह से फोन पर बात की थी। हालांकि, उस समय मामले को पारिवारिक विवाद मानते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वह देर रात तक थाने में बैठी रहीं।

अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लगाई मदद की गुहार

विवाद अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गया है। रविवार को पूजा सिंह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास के बाहर धरने पर बैठ गईं। अब उन्हें मुख्यमंत्री से ही आखिरी उम्मीद है।

पूजा ने मुख्यमंत्री को 'भैया' कहकर अपील की कि उन्हें उनकी छह साल की बेटी से मिलवा दिया जाए। उनका कहना है कि बेटी फिलहाल खगड़िया में अपने पिता भानु प्रताप सिंह के साथ है।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने की सूचना मिलने पर पटना पुलिस वहां पहुंची और पूजा को अपने साथ ले गई। पूजा ने कहा कि उन्होंने अभी तक तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं की है और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की है। उनकी सबसे बड़ी मांग सिर्फ अपनी बेटी से मिलने की है।

फिलहाल यह मामला एक पारिवारिक विवाद के रूप में चर्चा में है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान किस तरह निकलता है और पूजा को अपनी बेटी से मिलने का मौका कब मिलता है।

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