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अवध असम से गरीब रथ तक, लंबी दूरी की इन ट्रेनों में सफाई पर रेलवे की खास नजर; फोटो से होगी निगरानी

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:12 PM (IST)

रेलवे ने 40 घंटे से अधिक यात्रा वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में स्वच्छता सुधारने के लिए नए निर्देश जारी ...और पढ़ें

लंबी दूरी की ट्रेनों में दूर होगी गंदगी की समस्‍या।

लंबी दूरी की ट्रेनों में दूर होगी गंदगी की समस्‍या।

HighLights

  1. 40 घंटे से अधिक यात्रा वाली ट्रेनों में स्वच्छता पर विशेष निगरानी।

  2. हर दो घंटे पर कचरा संग्रह और नियमित कोच-शौचालय सफाई।

  3. सफाई की स्थिति की निगरानी टाइम-स्टैम्प्ड तस्वीरों से की जाएगी।

जागरण संवाददाता, पटना। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने 40 घंटे से अधिक यात्रा अवधि वाली ट्रेनों की स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष निगरानी का निर्देश दिया है।

इन ट्रेनों में कोच और शौचालयों की नियमित सफाई के साथ हर दो घंटे पर कचरा संग्रह करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

सफाई की स्थिति की निगरानी समय-मुद्रित फोटोग्राफ (Time-stamped photograph) के माध्यम से भी की जाएगी।

दो ट्रेनों का मेंटेनेंस ईसीआर के ज‍िम्‍मे 

पूर्व मध्य रेल से खुलने या गुजरने वाली 40 घंटे से अधिक यात्रा अवधि वाली प्रमुख ट्रेनों में अवध असम एक्सप्रेस, अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस, दानापुर-एसएमवीबी बेंगलुरु एक्सप्रेस, पुणे-सुपौल एक्सप्रेस, आम्रपाली एक्सप्रेस, राजगीर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस और सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस शामिल हैं।

इनमें राजगीर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल और दानापुर-एसएमवीबी बेंगलुरु एक्सप्रेस का प्राथमिक अनुरक्षण (मेंटेनेंस) पूर्व मध्य रेल (ECR) करता है।

अन्य ट्रेनों का प्राथमिक अनुरक्षण दूसरे जोन में होता है, लेकिन बरौनी और डीडीयू के क्लीन ट्रेन स्टेशन पर इनकी सफाई की विशेष निगरानी की जाएगी। 

ट्रेनों में एकत्र कचरे को निर्धारित कचरा निस्तारण या क्लीन ट्रेन स्टेशन प्वाइंट पर उतारकर नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा। बायो-टॉयलेट की कार्यशीलता की भी बेस डिपो और मार्गवर्ती स्थानों पर जांच होगी।

खराबी मिलने पर आवश्यक अनुरक्षण कराया जाएगा। पूर्व मध्य रेल वर्तमान में 159 ट्रेनों का प्राथमिक अनुरक्षण करता है, जबकि 81 ट्रेनों में आन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस) की सुविधा उपलब्ध है।

ओबीएचएस कर्मियों को यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण और नियमित सफाई के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

फोटो से होगी सफाई की निगरानी 

ट्रेनों के प्रारंभिक और गंतव्य स्टेशनों के अलावा निर्धारित मार्गवर्ती निरीक्षण बिंदुओं पर कोच और शौचालयों की स्वच्छता के समय-मुद्रित फोटो लिए जाएंगे।

अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को स्वच्छता व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। क्लीन ट्रेन स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने से पहले आवश्यक मानवबल, सफाई सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

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