मां की साड़ी में ग्लैमरस दीवाली, नेताओं पर पटाखों से वार; Gen Z के इन वायरल ट्रेंड्स ने इंटरनेट पर मचाया तहलका
Gen Z ने दीवाली को सोशल मीडिया का बड़ा इवेंट बना दिया है, जहां मां की पुरानी साड़ी से ग्लैमरस ...और पढ़ें

मां की अलमारी से निकली साड़ी, बन गई फैशन स्टेटमेंट(AI फोटो)
HighLights
युवाओं ने मां की पुरानी साड़ी को नया फैशन दिया।
दीवाली की सफाई और ऑफिस की छुट्टी पर कॉमेडी रील्स।
नेताओं को पटाखों से जोड़कर व्यंग्यात्मक मीम्स वायरल।
सोनाली दुबे, पटना। दीवाली का त्योहार अब सिर्फ दीये, मिठाई और आतिशबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। Gen Z ने इसे सोशल मीडिया का बड़ा इवेंट बना दिया है। इस बार इंटरनेट मीडिया पर मां की पुरानी साड़ी से तैयार हो रहे ग्लैमरस लुक से लेकर नेताओं को पटाखों के रूप में पेश करने वाले मीम्स तक की खूब चर्चा है।
कहीं घर की सफाई के दौरान निकले पुराने सामान पर कॉमेडी हो रही है तो कहीं ऑफिस में छुट्टी नहीं मिलने का दर्द रील बनकर सामने आ रहा है।
सोनपापड़ी के डिब्बे को दिवाली बोनस बताने वाले वीडियो भी लोगों को खूब गुदगुदा रहे हैं। परंपरा और आधुनिकता के इस मेल में युवाओं ने त्योहार को डिजिटल रंग दे दिया है।
मां की अलमारी से निकली साड़ी, बन गई फैशन स्टेटमेंट
इस दिवाली फैशन के मामले में पुराने और नए का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। युवतियां मां की पुरानी कांजीवरम साड़ी को नए अंदाज में पहनकर अपना फेस्टिव लुक तैयार कर रही हैं।
निफ्ट के अभिनव सिन्हा बताते हैं कि इंटरनेट मीडिया पर दीवाली को लेकर एक से बढ़कर एक रील सामने आ रही हैं। मां की साड़ी को नए रूप में इस्तेमाल करना इसका अच्छा उदाहरण है।
उनका कहना है कि फैशन और सजावट के साथ मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों और उनकी कला को भी रील के जरिए सामने लाना चाहिए।
घर की सफाई के अनदेखे कोने बने कॉमेडी का कंटेंट
दीवाली की सफाई इस बार सिर्फ घर चमकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर हंसी का नया बहाना बन गई है।
सालभर जिन कोनों की किसी को याद नहीं आती, सफाई के दौरान अचानक उनका पता चल रहा है। पुराने सामान, छिपी हुई चीजों और चूहों के ठिकानों को लेकर मजेदार वीडियो बनाए जा रहे हैं।
एएन कॉलेज की छात्रा अंजली बताती हैं कि इस बार सफाई से जुड़ी रील खूब पसंद की जा रही हैं। लोगों को सफाई करते हुए घर के ऐसे कोने मिल रहे हैं, जिनके बारे में उन्हें खुद पता नहीं था।
ऑफिस में छुट्टी नहीं तो पारंपरिक कपड़ों में फिट चेक
दीवाली पर छुट्टियों का इंतजार करने वाले युवाओं के लिए ऑफिस की व्यस्तता भी कंटेंट बन गई है। जिन कर्मचारियों को छुट्टी नहीं मिली है, वे पारंपरिक परिधान पहनकर सहकर्मियों के साथ रील बना रहे हैं।
अंजली शाह बताती हैं कि कार्यालय में छुट्टियां नहीं मिलने के बावजूद सहकर्मी मिलकर पारंपरिक कपड़ों में फिट चेक और फेस्टिव लुक वाली रील बना रहे हैं। यानी काम के बीच भी दिवाली का उत्साह सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा है।
नेताओं को अनार, चकरी और फुस्स पटाखा बताकर तंज
दीवाली के मौके पर राजनीतिक व्यंग्य का भी अलग रंग देखने को मिल रहा है। इंटरनेट मीडिया पर नेताओं की तुलना अलग-अलग पटाखों से करते हुए मीम्स बनाए जा रहे हैं।
एएन कॉलेज के नीरज बताते हैं कि इन वीडियो में राहुल गांधी को अनार, अरविंद केजरीवाल को फुस्स पटाखा, ममता बनर्जी को चकरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हाइड्रोजन बम के रूपक से दिखाया जा रहा है। इन मीम्स के जरिए युवा राजनीतिक चेहरों पर हास्य और व्यंग्य के अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
सोनपापड़ी का डिब्बा बना दीवाली बोनस का सबसे बड़ा मीम
दीवाली पर कर्मचारियों को बोनस और गिफ्ट मिलने का इंतजार रहता है। हालांकि, जब उम्मीदों के मुताबिक उपहार नहीं मिलता और हाथ में सोनपापड़ी का डिब्बा आता है तो यही बात सोशल मीडिया पर मीम बन जाती है।
पल्लवी बताती हैं कि दीवाली बोनस और उपहार को लेकर बनने वाले वीडियो काफी मजेदार हैं। कर्मचारी अपनी उम्मीदों और मिलने वाले गिफ्ट के बीच के अंतर को कॉमेडी के अंदाज में पेश कर रहे हैं।
इस तरह Gen Z ने दिवाली के पारंपरिक उत्सव को डिजिटल सेलिब्रेशन में बदल दिया है। मां की साड़ी से लेकर सोनपापड़ी के डिब्बे और सियासी पटाखों तक, हर छोटी-बड़ी बात रील और मीम का हिस्सा बन रही है।
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