काशी विश्वनाथ की तर्ज पर संवरेगा गयाजी का विष्णुपद मंदिर, ₹3516 करोड़ की मेगा योजना पर जल्द शुरू होगा काम
गयाजी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹3516 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू हो रहा है।

विष्णुपद मंदिर। फाइल फोटो
HighLights
विष्णुपद मंदिर का विकास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा।
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना से जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
₹3516 करोड़ की मेगा परियोजना के टेंडर पूरे, काम जल्द।
राज्य ब्यूरो, पटना। विश्व में मोक्षधाम के रूप में पहचान रखने वाले गयाजी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर अब जमीनी स्तर पर कार्यवाही शुरू हो गई है।
विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए कुल 3,516 करोड़ स्वीकृति के बाद आगे की गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं।
परियोजनाओं के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की जा चुकी है और टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अब जल्द ही निर्माण एजेंसी को कार्य सौंपा जाएगा।
विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का विकास वाराणसी के काशी विश्वनाथ कारिडोर की तर्ज पर किए जाने की योजना है। 2520 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मंदिर परिसर के विकास के साथ मल्टीलेवल कार पार्किंग, एलीवेटेड पथ, मनसरवा-मानपुर ब्रिज, रैंप, घाटों का विकास, डोरमेट्री एवं कैंटीन, पैदल यात्री पुल, प्रतिमाओं का निर्माण, पीएफसी सीता कुंड तथा सार्वजनिक एवं आंतरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
फल्गु नदी में जल की उपलब्धता बढ़ाने की योजना
इसी के साथ 996.5 करोड़ रुपये की सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना भी गयाजी और बोधगया के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके तहत सोन नदी से जल का उद्वह कर पाइपलाइन और नहर के माध्यम से मोरहर नदी तक पहुंचाया जाएगा। मोरहर नदी पर करीब 10 मिलियन घन मीटर क्षमता का कृत्रिम जलाशय बनाया जाएगा।
पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गया पहुंचते हैं। विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का आधुनिक स्वरूप में विकास और फल्गु नदी में जल की बेहतर उपलब्धता से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलने के साथ गया की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन क्षमता को भी विस्तार मिलेगा।
