'छठ के बाद शुरू हो विक्रमशिला सेतु की मरम्मत', इस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने की मांग
ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कामर्स ने विक्रमशिला सेतु की मरम्मत छठ पूजा के बाद कराने की मांग की है।

विक्रमशिला सेतु। (फाइल फोटो)
HighLights
विक्रमशिला सेतु मरम्मत छठ पूजा के बाद कराने की मांग।
त्योहारी सीजन में सेतु बंद होने से व्यापार पर असर।
चैंबर ने वैकल्पिक व्यवस्था और विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु को करीब तीन माह के लिए बंद कर मरम्मत कराने की प्रस्तावित योजना से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मरम्मत कार्य छठ पूजा के बाद शुरू कराने की मांग की है।
चैंबर का कहना है कि बाढ़ से पहले ही व्यापार प्रभावित है। ऐसे में दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के बीच सेतु बंद होने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
चैंबर अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने कहा कि बाढ़ के कारण व्यापारियों को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है। अब त्योहारी मौसम को देखते हुए दुकानदारों और थोक व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में माल मंगाकर गोदामों में स्टाक किया है।
सेतु बंद होने पर ग्राहकों की आवाजाही और माल की आपूर्ति प्रभावित होगी। इससे व्यापारियों की पूंजी और जमा स्टाक फंस सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मरम्मत कार्य छठ पूजा संपन्न होने के बाद ही कराया जाए।
चैंबर महासचिव सीए पुनीत चौधरी ने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर के साथ नवगछिया, कोसी और सीमांचल के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
प्रतिदिन 50 हजार से अधिक व्यापारी, कामगार और आम लोग इससे आवागमन करते हैं। त्योहारी सीजन में सेतु बंद होने से आवक-जावक प्रभावित होगी और व्यापार को बड़ी आर्थिक क्षति हो सकती है।
वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग
चैंबर ने कहा कि यदि मरम्मत टालना संभव नहीं हो तो रेलवे से समन्वय कर भागलपुर और नवगछिया-कटिहार की ओर से सुबह छह बजे और शाम पांच बजे विशेष फास्ट ट्रेनें चलाई जाएं।
गंगा घाटों पर पक्के पहुंच मार्ग, पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और अवैध वसूली पर रोक की भी मांग की गई है। चैंबर प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगा।
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