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गयाजी पितृपक्ष मेले में टूटा भीड़ का रिकॉर्ड, अब तक 37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान

Published: Wed, 07 Oct 2026 10:48 AM (GMT+05:30)

गयाजी पितृपक्ष मेले में इस वर्ष रिकॉर्ड 37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पिंडदान किया, जिसमें विदेशी तीर्थयात्री भी शामिल थे।

पिंडदान करते विदेशी श्रद्धालु। फोटो जागरण

पिंडदान करते विदेशी श्रद्धालु। फोटो जागरण

HighLights

  1. इस वर्ष गयाजी पितृपक्ष मेले में 37 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।

  2. रूस, फ्रांस जैसे कई देशों के विदेशी तीर्थयात्री भी पिंडदान हेतु आए।

  3. एआई भाषा अनुवाद और पितृवाटिका में 482 पौधे लगाए गए।

राज्य ब्यूरो, पटना। मोक्षधाम गयाजी में इस वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, अब तक 37 लाख 50 हजार 200 तीर्थयात्री, श्रद्धालु और पिंडदानी गया पहुंचकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण कर चुके हैं।

इनमें देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा रुस, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्राजील और यूक्रेन जैसे देशों के अच्छी संख्या में नागरिक भी शामिल हैं। 8 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों से 30 से 40 की संख्या में श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचकर पिंडदान करने की भी संभावना है।

गयाजी में पितृपक्ष मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2022 में 9 लाख 40 हजार पर्यटक गया पहुंचे थे। इनमें 1518 विदेशी पर्यटक शामिल थे।

वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 29 लाख 89 हजार हो गई, जिसमें करीब 82 हजार विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वर्ष 2024 में कुल 30 लाख 59 हजार पर्यटक गयाजी पहुंचे, जिनमें एक लाख 55 हजार विदेशी थे। पिछले साल 2025 में कुल 34 लाख 79 हजार पर्यटक गयाजी पहुंचे थे, जिनमें 1807 विदेशी पर्यटक शामिल थे।

एआइ से भाषा अनुवाद, पितृवाटिका में लगे 482 पौधे

भाषा की बाधा दूर करने के लिए इस वर्ष एआइ आधारित भाषा अनुवाद सुविधा भी श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित हुई है। अब तक 84 हजार 756 तीर्थयात्री इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।

खासकर अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले विदेशी श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा संवाद और जानकारी प्राप्त करने में मददगार बनी है।

वहीं, पितृपक्ष मेले को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ पहल के तहत पितृवाटिका में अब तक 482 पौधे लगाए गए हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा के लिए बनाए गए टेंट सिटी में अब तक 11 हजार 378 लोगों को ठहराया गया।

मेले में भीड़ के बीच बच्चों और बुजुर्गों के बिछड़ने की आशंका को देखते हुए 10 हजार 619 रिस्ट बैंड वितरित किए गए। मेले से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम में अब तक 1857 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर आवश्यक कार्रवाई की गई।

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