विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गंडक का तटबंध टूटने पर एक्शन में विभाग, बिहार में 7 इंजीनियर सस्पेंड; 1 पर विभागीय कार्रवाई का निर्देश

Published: Sun, 04 Oct 2026 10:56 PM (IST)

गंडक नदी में रिकॉर्ड जलस्राव के दौरान तटबंधों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर जल संसाधन विभाग के आठ अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. गंडक तटबंधों की सुरक्षा में लापरवाही पर आठ अभियंताओं पर कार्रवाई।

  2. सात अभियंताओं को तत्काल निलंबित किया गया, विभागीय जांच जारी।

  3. रिकॉर्ड जलस्राव के दौरान हुई थी कार्ययोजना क्रियान्वयन में शिथिलता।

राज्य ब्यूरो, पटना। गंडक नदी में रिकॉर्ड तोड़ जलस्राव के दौरान तटबंधों की सुरक्षा एवं आकस्मिक प्रतिक्रिया में लापरवाही बरतने वाले जल संसाधन विभाग के आठ अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है।

इनमें सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही का निर्देश दिया गया है। एक मुख्य अभियंता एवं एक अधीक्षण के विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल एवं उत्तर प्रदेश में हुई भारी वर्षा के कारण गंडक में ऐतिहासिक जलस्राव हुआ। नेपाल के देवघाट में नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर को पार कर गया।

बिहार में भी बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट एवं लालगंज में गंडक ने पुराने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए।

विभागीय निरीक्षण में पाया गया कि आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई कार्ययोजना के क्रियान्वयन में कुछ स्थानीय अभियंताओं ने शिथिलता बरती। कई स्थानों पर बीच स्थल पर मौजूद रहकर कट-एंड को सुरक्षित करने के बजाय इंजीनियर अपने दायित्व से कन्नी काट गए।

स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल और मैनपावर के प्रबंधन में भी लापरवाही सामने आई। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय का भी अभाव पाया गया।

इसके बाद पटना मुख्यालय गोदाम समेत अन्य जिलों से फ्लड फाइटिंग सामग्री भेजी गई और अतिरिक्त अभियंताओं की तैनाती की गई।

इन्हें किया गया सस्पेंड

निलंबित अभियंताओं में कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर (छपरा), मो. साजिद इकबाल (गोपालगंज), सहायक अभियंता सुनील कुमार, विनोद कुमार, मो. जावेद अंसारी तथा कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार एवं विकास कुमार शामिल हैं।

मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर कुमार मनोज गुप्ता के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आपदाजन्य परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही अक्षम्य होगी।

उधर, चार अक्टूबर को शाम आठ बजे की स्थिति के अनुसार रेवाघाट में नदी का जलस्तर उच्चतम स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आ चुका है और खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंचकर सामान्य हो गया है।

लालगंज में भी उच्चतम स्तर से 130 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। विभाग को अगले 24 घंटे में इसके खतरे के निशान से नीचे आने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें- बिहार में बाढ़ का कहर, गंडक का पानी घटा फिर भी खतरा बरकरार; सारण और पश्चिम चंपारण में तबाही