अंगुलियां हो सकती हैं टेढ़ी, स्तनों को होता है नुकसान; दीपावली में पटाखे जलाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
पटाखों से जलने पर होने वाली चोटें अंगुलियों को टेढ़ा कर सकती हैं और त्वचा सिकुड़ सकती है। प्लास्टिक सर्जन ...और पढ़ें

पटाखे जलाता हुआ सख्श। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
पटाखों से जलने पर तुरंत प्लास्टिक सर्जन से मिलें।
अंगुलियों का टेढ़ा होना, सफेद दाग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बाल प्रत्यारोपण, लाइपोसक्शन जैसी सर्जरी भी उपलब्ध हैं।
जागरण संवाददाता, पटना। पटाखों से जलने की चोट को मामूली समझना जिंदगीभर की परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर अंगुलियों, हथेली, चेहरे व गर्दन के घाव भरने के दौरान त्वचा सिकुड़ सकती है।
इसके कारण अंगुलियां हमेशा के लिए टेढ़ी हो सकती हैं, हाथ की पकड़ कमजोर, गर्दन की गति होने से लेकर पलकें-होंठ भी सिकुड़ सकते हैं।
हमेशा के लिए सफेद दाग छूट सकते हैं। यदि जलते ही किसी प्लास्टिक सर्जन से उपचार कराया जाए तो ऐसी तमाम विकृतियों से बचा जा सकता है।
आजकल बाल प्रत्यारोपण, नाक-कान को सुंदर बनाने के साथ जेनिटल प्लास्टिक सर्जरी यानी जननांगों की बनावट व संरचना में बदलाव कराने वालों की संख्या बढ़ी है।
ये बातें रविवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम हेलो जागरण में एएनएमसीएच के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में सहायक प्रोफेसर डा. प्रणव कुमार ने सुधि पाठकों के सवालों के जवाब में कहीं।
सवाल- पटाखे से जलने के बाद बच्चे की अंगुलियां मुड़ गई हैं। -बबली पटना, अखिलेश कुमार अनीसाबाद।
पटाखे से जलने या अंगुलियां उड़ने के बाद यदि प्लास्टिक सर्जन से उपचार नहीं कराया जाए तो घाव भरने पर भी अंगुलियां टेढ़ी होना, सफेद दाग, त्वचा मोटी हो जाना जैसी समस्याएं रह जाती हैं। दो या छह माह बाद भी कास्मेटिक पुनर्निर्माण सर्जरी, स्कार रिवीजन, इंजेक्शन व प्रेशर गारमेंट्स से हाथ के फंक्शन को काफी हद तक सामान्य किया जा सकता है। इसके लिए तुरंत किसी प्लास्टिक सर्जन से मिलें।
बचपन में बेटी जल गई थी, एक ब्रेस्ट का विकास नहीं हुआ। -स्मृति कुमारी, पटना
बचपन में छाती बुरी तरह जलने से एक या दोनों ओर ऐसी समस्या हो सकती है। ब्रेस्ट इम्प्लांट या फैट ग्राफ्टिंग तकनीक से इसे काफी हद तक सामान्य किया जा सकता है। यदि निप्पल ठीक है तो बच्चों को स्तनपान करा सकेंगी या नहीं, यह परीक्षण के बाद ही कहा जा सकता है। जलने से बिगड़ी कान की आकृति को ओटोप्लास्टी से पूरी तरह से सुंदर बनाया जा सकता है।
25 वर्ष का हूं, बाल उड़ गए, प्रत्यारोपण में कितना खर्च? -विजय कुमार पटना बुद्धा कालोनी, राजेश कुमार बोरिंग रोड
आजकल कम उम्र में बाल उड़ने की समस्या तेजी से बढ़ी है। इसके लिए पहले पीआरपी यानी प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा के इंजेक्शन देकर बचे बालों को मजबूत किया जाता है ताकि उनका गिरना कम हो। वहीं गंभीर मामलों में हेयर ट्रांसप्लांट किया जाता है। महिलाओं के ट्रांसप्लांट करने पर उनके बाल नहीं छीले जाते हैं। करीब नौ माह में इससे घने बाल प्राप्त किए जा सकते हैं जो सामान्य बालों की तरह बढ़ते हैं और उन्हें कटवाना पड़ता है। पटना के सरकारी व निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। 8 से 9 घंटे की इस सर्जरी पर गंजे सिर के अनुसार 50 हजार से 1.5 लाख का खर्च आता है।
बेटी बहुत अधिक मोटी होने से लोगों से घुलने-मिलने में संकोच करती है? -सौरभ कुमार फुलवारीशरीफ, रोहित सिंह दानापुर।
सिर से पैर तक वजन अत्यधिक होने पर वजन-लंबाई यानी बीएमआइ के अनुरूप डायट व व्यायाम का शिड्यूल देकर पहले प्राकृतिक रूप से वजन कम कराया जाता है। पेट व अन्य जगहों की चर्बी कम नहीं होने पर लाइपोसैक्शन कर एक बार में पांच से दस किलोग्राम वजन कम किया जाता है। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
पटाखों से जलने पर तुरंत करें ये उपाय
- जले हिस्से को तुरंत 20 मिनट तक साफ, ठंडे बहते पानी से ठंडा करें। बर्फ नहीं लगाएं।
- जले हिस्से से अंगूठी, घड़ी और तंग आभूषण हटा दें।
- घाव को साफ, नहीं चिपकने वाली ड्रेसिंग से ढकें।
- चेहरे, हाथ, जोड़ों और गहरी जलन की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचें।
- घाव भरने के बाद भी नियमित फिजियोथेरेपी व विशेषज्ञ की सलाह जरूरी हो सकती है।
अंगों की विकृति बढ़ा रही अवसाद
डॉ. प्रणव ने बताया कि बहुत से लोग अपने विकृत अंग दिखाकर समस्या बताते हैं। इनकी समस्या समय के साथ शारीरिक कम और मानसिक अधिक हो गई है। ऐसे रोगियों की काउंसलिंग कर उन्हें मनोरोग चिकित्सक के पास भेजा जाता है। इसी प्रकार बच्चों के बड़े होने के बाद ममी मेक ओवर सर्जरी कराने का चलन बढ़ा है।