बिहार में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन सख्त, गंगा में मूर्ति विसर्जन और डीजे पर पूरी तरह रोक
बाढ़ अनुमंडल में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए शांति समिति की अहम बैठक हुई। प्रशासन ने गंगा ...और पढ़ें

दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन सख्त (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
गंगा नदी में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
पूजा पंडालों में डीजे के उपयोग पर सख्त रोक रहेगी।
पंडाल-प्रतिमा की ऊंचाई और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य।
संवाद सहयोगी, बाढ़। आगामी दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार (5 अक्टूबर) को बाढ़ अनुमंडल कार्यालय के सभागार में अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडलाधिकारी (SDO) कृष्णा जोशी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बाढ़-1 ने संयुक्त रूप से की।
इस बैठक में बाढ़ अनुमंडल के सभी दुर्गा पूजा आयोजन समितियों के अध्यक्ष और सचिव मुख्य रूप से शामिल हुए। प्रशासन ने समितियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कई कड़े नियम लागू किए हैं।
पंडाल और प्रतिमा की ऊंचाई तय, पीओपी पर रोक
बैठक में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया। एसडीओ ने बताया कि पूजा पंडाल की अधिकतम ऊंचाई 40 फीट और मां दुर्गा की प्रतिमा की अधिकतम ऊंचाई 20 फीट निर्धारित की गई है। प्रतिमा निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
गंगा नदी में विसर्जन पर पाबंदी
गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए इस बार बड़ा फैसला लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में प्रतिमा का विसर्जन गंगा नदी में नहीं किया जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर नगर परिषद द्वारा आसपास कृत्रिम तालाबों का निर्माण कराया जाएगा, जहां सभी समितियों को प्रतिमा विसर्जन करना होगा।
सुरक्षा को लेकर 24x7 CCTV और वॉलिंटियर्स की तैनाती
सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी पूजा पंडालों में 24 घंटे चालू रहने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने वोलेंटियर्स (स्वयंसेवकों) की प्रतिनियुक्ति पहचान पत्र (आई-कार्ड) के साथ करें और पंडाल को किसी भी समय खाली न छोड़ें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडाल में उपयुक्त स्थान पर हेल्प डेस्क बनाने और साफ-सफाई (हाइजीन) बनाए रखने के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखने का भी निर्देश दिया गया है।
डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि पूजा पंडाल और प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे (DJ) का उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा। डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस और सुरक्षित बिजली कनेक्शन है अनिवार्य
सभी पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे आयोजन से पूर्व अपने-अपने संबंधित थाने से पूजा का लाइसेंस और अनुमंडल कार्यालय से लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति अवश्य प्राप्त कर लें।
अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया गया है कि यदि पंडाल में बिजली का उपयोग होता है, तो बिजली विभाग से विधिवत अस्थाई कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए गुणवत्तायुक्त कवर्ड तार और एमसीबी युक्त वायरिंग करनी होगी।
इसके साथ ही पंडाल का निर्माण बिजली सप्लाई के तारों से कम से कम 4 फीट की सुरक्षित दूरी पर करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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