मौसम में बदलाव के साथ बढ़ा डेंगू और वायरल बुखार का खतरा, ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
मौसम में बदलाव के साथ पटना में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं वायरल बुखार का खतरा भी मंडरा ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
पटना में डेंगू के 445 मामले, वायरल बुखार का भी खतरा।
डेंगू और वायरल बुखार के लक्षणों में अंतर समझना जरूरी।
बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें, लापरवाही न करें।
जागरण संवाददाता, पटना। मौसम में बदलाव के साथ डेंगू के बाद अब वायरल बुखार को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। दिन में गर्मी और रात में तापमान में गिरावट के बीच बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द की शिकायत को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
शनिवार को पटना में डेंगू के तीन नए मरीज मिले। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक संक्रमितों की संख्या 445 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून तक डेंगू के 44 मरीज मिले थे। जुलाई में 26, अगस्त में 97 और सितंबर में सर्वाधिक 170 मरीज मिले।
शेष मरीज अक्टूबर में सामने आए हैं। लगातार मिल रहे नए मामलों के बीच डेंगू से बचाव के साथ वायरल बुखार के लक्षणों पर भी नजर रखना जरूरी है।
डेंगू और वायरल के लक्षणों में अंतर समझें
पीएमसीएच अधीक्षक डा. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू और वायरल बुखार में तेज बुखार, सिरदर्द, थकान और बदन दर्द जैसे लक्षण मिल सकते हैं। डेंगू में आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द और त्वचा पर चकत्ते भी हो सकते हैं।
वहीं, वायरल संक्रमण में बुखार के साथ सर्दी, खांसी, छींक और गले में खराश की शिकायत हो सकती है। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर दोनों में अंतर करना संभव नहीं है। बुखार होने पर चिकित्सकीय परामर्श और जरूरत के अनुसार जांच करानी चाहिए।
बुखार उतरने पर भी न बरतें लापरवाही
पीएमसीएच के डॉ. राजन कुमार ने बताया कि डेंगू में बुखार कम होने के बाद भी मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक कमजोरी अथवा सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें।
डेंगू की आशंका में एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं बिना चिकित्सकीय सलाह के न लें। इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
दिन में भी काटता है डेंगू का मच्छर
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में भी सक्रिय रहता है। घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें।
वायरल संक्रमण से बचने के लिए हाथों की सफाई रखें, खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकें तथा बीमार होने पर दूसरों के निकट संपर्क से बचें। बुखार को सामान्य मानकर खुद से दवा लेने के बजाय समय पर जांच और उपचार कराएं।
