वैशाली के राघोपुर में चाय पीने से एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, केतली में मिला मरा हुआ गिरगिट
वैशाली के राघोपुर में चाय पीने से एक ही परिवार के पांच सदस्य बीमार पड़ गए। जांच में पता चला ...और पढ़ें

चाय पीने के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
HighLights
राघोपुर में चाय पीने से पांच लोग बीमार पड़े।
चाय की केतली में मरा हुआ गिरगिट मिला।
सभी मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली।
संवाद सूत्र, राघोपुर(वैशाली)। राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में शनिवार सुबह चाय पीने के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), राघोपुर फतेहपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। बाद में केतली में मरा हुआ गिरगिट मिलने की बात सामने आई। घटना के बाद परिवार में अफरातफरी मच गई।
चाय पीने के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद निवासी मक्खन भगत के पुत्र बृजनंदन भगत, देवनंदन भगत के पुत्र शत्रुघन भगत, शत्रुघन भगत के पुत्र नीरज कुमार, पुत्री झुमकी देवी और रिंकी कुमारी की तबीयत चाय पीने के बाद बिगड़ गई।
सभी को तत्काल इलाज के लिए पीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का आकलन कर उपचार शुरू किया।
दरवाजे पर शोर सुनकर बाहर गई थी महिला
परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, घर की महिला ने चाय बनाकर केतली में रख दी थी। इसी दौरान दरवाजे पर किसी बात को लेकर शोर-शराबा होने लगा।
महिला दरवाजे की ओर चली गई। लौटने के बाद उसने केतली से चाय निकालकर घर के सदस्यों को दे दी। चाय पीने के कुछ देर बाद ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।
केतली में मिला मरा हुआ गिरगिट
तबीयत बिगड़ने पर परिवार के सदस्यों ने केतली की जांच की तो उसमें मरा हुआ गिरगिट मिलने की बात सामने आई। देवनंदन भगत ने बताया कि शनिवार सुबह घर में चाय बनाई गई थी और उसे छानकर रखा गया था।
इसी दौरान चाय में छिपकली या गिरगिट गिर गया था। चाय पीने के बाद जब केतली के नीचे देखा गया, तब उसमें मरा हुआ जीव मिला।
सभी मरीज खतरे से बाहर, अस्पताल से मिली छुट्टी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनीष झा ने बताया कि सभी मरीजों का इलाज किया गया। अब सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
घटना की जानकारी मिलने पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रखंड अध्यक्ष राम जीवन पासवान और उपाध्यक्ष जयदयाल राय भी पीएचसी पहुंचे। उन्होंने मरीजों और परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
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