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छोटी पटनदेवी मंदिर: पटना में 51 किलो चांदी के सिंहासन पर विराजेंगी भगवती, 1008 महिलाएं करेंगी महाआरती

Published: Sun, 11 Oct 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

छोटी पटनदेवी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन 51 किलो चांदी के सिंहासन पर भगवती विराजेंगी, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।

सिद्ध शक्तिपीठ छोटी पटनदेवी। (जागरण)

सिद्ध शक्तिपीठ छोटी पटनदेवी। (जागरण)

HighLights

  1. 51 किलो चांदी के सिंहासन पर विराजेंगी भगवती

  2. महापौर सीता साहू समेत 1008 महिलाएं करेंगी महाआरती

  3. नौ दिवसीय विशेष चंडी स्थापना महायज्ञ का होगा आयोजन

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। सिद्ध शक्तिपीठ छोटी पटनदेवी मंदिर में नवरात्र के प्रथम दिन यानि रविवार की सुबह में कलश स्थापना के दिन 51 किलो चांदी के जयपुरिया सिंहासन पर भगवती विराजेंगी।

शाम में महापौर सीता साहू व अन्य महिला पार्षदों समेत 1008 महिलाएं सामूहिक महाआरती करेंगी। यह जानकारी शनिवार को पीठाचार्य आचार्य अनंत अभिषेक द्विवेदी व गौ मानस सेवा संस्थानम के अध्यक्ष बाबा विवेक द्विवेदी ने दी।

उन्होंने बताया कि कामाख्या और वाराणसी के विद्वानों द्वारा वैदिक रीति रिवाज से राजोपचार और षोडशोपचार पूर्वक माता की पूजा के साथ नौ दिवसीय विशेष चंडी स्थापना महायज्ञ होगा।

नौ दिनों में माता के नौ स्वरूपों का आवाहन, उपासना व पूजा होगी। नवरात्रि महोत्सव पर महानवमी को सवा मनी छप्पन भोग प्रसाद वितरण व भंडारा के साथ दर्शन पूजन को आने वाले श्रद्धालुओं की दी जाने वाली सुविधाओं और सुलभ दर्शन की व्यवस्था की गई है।

पीठाचार्य आचार्य अभिषेक अनंत द्विवेदी ने बताया कि कामाख्या और वाराणसी के विद्वानों द्वारा 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक विशेष चंडी पुनर्स्थापना महायज्ञ में शामिल होने वाले भक्तों के लिए पाठ, जप, ध्यान व पूजा के लिए नियम तथा स्थान का निर्धारण, व्रती महिलाओं के लिए फलाहार, शीतल जल और विश्राम स्थल की सुविधा के साथ सभी भक्तों को सुलभ दर्शन के लिए प्रत्यक्ष व झरोखा दर्शन की सुविधा रहेगी।

मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर जूता चप्पल रखने, वाहन पार्किंग व हाथ पैर धोने की सुविधा भक्तों को मिलेगी।

ग्यारह किलो सोने से बनेगा शीर्ष कलश

पीठाचार्य आचार्य अनंत अभिषेक द्विवेदी ने बताया कि मंदिर के पहले तल पर विश्व की 51 शक्तिपीठों की अनुकृति बनेगी। इनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की भी शक्तिपीठ शामिल है।

उन स्थानों से मिट्टी मंगाई जाएगी, जिससे उनकी अनुकृति बनेगी। माता छोटी पटनदेवी अपने मूल स्थान पर ही विराजमान रहेगी।

उन्होंने बताया कि पांच मंजिला भवन का निर्माण हो चुका है। अब 54 फीट का गुम्बज का निर्माण अगले वर्ष के नवरात्र पर पूरा हो जाएगा। ग्यारह किलो सोने से शीर्ष कलश बनेगा।

दूसरे तल्ले पर तंत्र साधना 

बाबा विवेक द्विवेदी ने बताया कि दूसरे तल्ले पर तंत्र साधना के लिए दस महाविद्या तथा तीसरे व चौथे तल्ले पर वेद विद्यालय की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस्कान मंदिर की तरह ट्रस्ट अपने सदस्यों को दर्शन व विश्राम के साथ-साथ नगर भ्रमण की सुविधा देगी। उन्होंने बताया कि देश के समस्त शक्तिपीठों से इस मंदिर को जोड़ने का प्रयास जारी है ताकि बिहार के बाहर के भी सदस्यों को सुविधाएं मिल सकें।

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