पटना, राज्य ब्यूरो: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की 23 दिसंबर की पहली पाली की परीक्षा के प्रश्नपत्र की तस्वीर लेने वाले बेगूसराय के विकास विद्यालय केंद्र के अकाउंटेंट रोशन कुमार को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) रिमांड पर ले सकती है। ईओयू ने रोशन को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन कई सवालों के जवाब अब भी अनसुलझे हैं। रोशन ने प्रारंभिक पूछताछ में प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचने की बात तो मानी है, मगर उसे किसी को भेजने से इनकार किया है। हालांकि, तस्वीर खींचने वाले मोबाइल की जगह नया मोबाइल लेने पर वह पहले ही संदेह के घेरे में आ गया है।

ईओयू अधिकारियों के अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि रोशन के प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचने का उद्देश्य क्या था? उसने तस्वीर खींचकर अगर किसी को नहीं भेजी तो यह प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों के माध्यम से ईओयू तक कैसे पहुंचा? इन सारे सवालों के जवाब रोशन से पूछताछ में मांगे जाएंगे। इसके अलावा पुराने मोबाइल के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। पुराना मोबाइल मिल जाने पर तकनीकी जांच में कई अहम जानकारी मिल सकती है।

ऐसे सामने आया था प्रश्‍नपत्र लीक मामला

मालूम हो कि बीएसएससी अभ्यर्थियों ने कई परीक्षा केंद्र से प्रश्न पत्र की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने का दावा किया था। इसके बाद दावा करने वाले अभ्यर्थियों से वायरल प्रश्नपत्र की तस्वीर उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बाद लड़कों ने आर्थिक अपराध इकाई को वायरल प्रश्न पत्र की तस्वीर उपलब्ध कराई जब उसकी तकनीकी जांच की गई तो वह बेगूसराय के विकास विद्यालय के परीक्षा केंद्र का प्रश्न पत्र मिला। इसके बाद कोडिंग के जरिए पाया गया कि प्रश्नपत्र बेगूसराय के परीक्षा केंद्र का है।

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Edited By: Prateek Jain

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