AEDO को पीछे छोड़ BPSC TRE-4 ने बनाया रिकॉर्ड, 10 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने शिक्षक बनने के लिए किया आवेदन
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में 10 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त ...और पढ़ें

शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों की भीड़
HighLights
रिकॉर्ड 10 लाख से अधिक आवेदन, TRE-4 ने तोड़ा AEDO का रिकॉर्ड।
33,320 पदों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा, एक पद पर 30 अभ्यर्थी।
निगेटिव मार्किंग और OMR में पांचवां विकल्प, परीक्षा के नए नियम।
अक्षय पांडेय, पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की चाहत रखने वाले युवाओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4 के लिए कुल 10,00,550 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इस आंकड़े के साथ TRE-4 बीपीएससी के इतिहास में सबसे अधिक आवेदन पाने वाली परीक्षा बन गई है। इसने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है, जिसमें करीब 9.97 लाख आवेदन आए थे।
AEDO परीक्षा से भी आगे निकली TRE-4
33,320 शिक्षक पदों के लिए आए 10 लाख से अधिक आवेदनों ने भर्ती की प्रतिस्पर्धा का अंदाजा दे दिया है। इससे पहले AEDO परीक्षा में 9 लाख 97 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे।
हालांकि, कदाचार के आरोपों के बाद उस परीक्षा को रद कर दिया गया था। अब TRE-4 ने आवेदन के मामले में उससे भी आगे निकलकर नया रिकॉर्ड कायम किया है।
अंतिम दिन रात तक बढ़ता रहा आवेदन का आंकड़ा
आवेदन की अंतिम तिथि मंगलवार को शाम पांच बजे तक करीब 9.90 लाख आवेदन आने की सूचना थी। लेकिन रात 12 बजे तक यह संख्या बढ़कर 10,00,550 हो गई।
यानी अंतिम दिन के कुछ घंटों में ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी की। आयोग ने पहले आवेदन की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर निर्धारित की थी, जिसे बाद में कोर्ट के आदेश के आलोक में बढ़ाया गया था।
TRE-1 से TRE-4 तक लगातार बदली आवेदन की तस्वीर
पिछले तीन चरणों के आंकड़ों से तुलना करें तो TRE-4 में अभ्यर्थियों की दिलचस्पी काफी अधिक दिखाई दे रही है। TRE-1 में करीब 8 लाख, TRE-2 में 6 लाख और TRE-3 में लगभग 4.50 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके मुकाबले चौथे चरण में आवेदनों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है।
33 हजार पदों के लिए कड़ी होगी प्रतिस्पर्धा
TRE-4 में 33,320 पदों पर नियुक्ति होनी है। वहीं, आवेदन करने वालों की संख्या 10,00,550 तक पहुंच गई है। ऐसे में औसतन एक पद के लिए करीब 30 अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा।
हालांकि, वास्तविक प्रतिस्पर्धा विषय, कक्षा और श्रेणीवार रिक्तियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा की तारीख और आगे की चयन प्रक्रिया पर टिकी है।
दो साल के इंतजार ने बढ़ाई शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों की भीड़
TRE-4 में रिकॉर्ड आवेदन आने के पीछे पिछली भर्ती और इस चरण के बीच का लंबा अंतराल भी एक वजह माना जा रहा है। करीब दो साल के इंतजार के बाद नई भर्ती आने से बिहार के साथ दूसरे राज्यों के युवाओं को भी आवेदन करने का अवसर मिला।
इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी की। STET में सफल हुए उम्मीदवारों को भी अपनी दावेदारी पेश करने का मौका मिला। इसके अलावा अपीयरिंग अभ्यर्थियों को अवसर मिलने से आवेदन करने वालों का दायरा और बढ़ गया।
बिहार की शिक्षक भर्ती में यूपी के युवाओं की भी बड़ी दावेदारी
इस बार TRE-4 की एक खास बात दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की बढ़ती भागीदारी है। इनमें उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों की संख्या विशेष रूप से चर्चा में है। बताया जा रहा है कि कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए यूपी के अभ्यर्थियों ने सबसे अधिक आवेदन किए हैं।
बाहरी राज्यों से आवेदन करने वालों की संख्या भी लाख के पार बताई जा रही है। इससे साफ है कि बिहार की शिक्षक भर्ती दूसरे राज्यों के युवाओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। खासकर प्राथमिक शिक्षक के पदों पर अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या होने से चयन की चुनौती बढ़ सकती है।
प्राथमिक से लेकर 12वीं तक कितने पदों पर होगी बहाली?
BPSC TRE-4 के तहत सरकारी स्कूलों में अलग-अलग कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। उपलब्ध पदों के विवरण के अनुसार रिक्तियों का ब्योरा इस प्रकार है।
- कक्षा 1 से 5: 3,847 पद
- कक्षा 6 से 8: 8,563 पद
- कक्षा 9 से 10: 4,370 पद
- कक्षा 11 से 12: 16,540 पद
इन आंकड़ों के अनुसार कुल 33,320 पद होते हैं। हालांकि, कुछ विवरणों में कक्षा 9 और 10 के पदों की संख्या 4,380 बताई गई है। इसलिए पदों के अंतिम वर्गवार आंकड़ों की पुष्टि बीपीएससी के आधिकारिक नोटिफिकेशन से करना जरूरी है।
इस बार परीक्षा में तुक्का लगाना पड़ सकता है भारी, लागू होगी निगेटिव मार्किंग
TRE-4 की परीक्षा में इस बार अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के साथ जवाब देने की रणनीति पर भी विशेष ध्यान देना होगा। चयन के लिए एक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी और इसमें निगेटिव मार्किंग का प्रावधान रखा गया है।
प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे। ऐसे में बिना जानकारी के सवालों का जवाब देना अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा सकता है। उम्मीदवारों को अब केवल अधिक सवाल हल करने के बजाय सही उत्तर देने पर ध्यान देना होगा।
OMR शीट में पांचवां विकल्प भी जरूरी, सवाल छोड़ने पर भी सावधानी
इस बार परीक्षा के ओएमआर पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां प्रत्येक सवाल के लिए चार विकल्प होते थे, वहीं अब पांचवां विकल्प भी दिया जाएगा। यह विकल्प उन सवालों के लिए होगा, जिनका उत्तर अभ्यर्थी नहीं देना चाहते हैं।
अगर किसी उम्मीदवार को किसी सवाल का जवाब नहीं पता है और वह उसे छोड़ना चाहता है तो उसे पांचवें विकल्प का गोला भरना होगा। यदि पांचों विकल्पों में से कोई भी गोला नहीं भरा गया तो उस सवाल पर भी एक-तिहाई अंक काटे जा सकते हैं। इसलिए ओएमआर शीट भरते समय उम्मीदवारों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
जनवरी-फरवरी 2027 में हो सकती है परीक्षा, तारीख का इंतजार
आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा की तारीख पर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार BPSC TRE-4 की लिखित परीक्षा जनवरी से फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। हालांकि, परीक्षा की निश्चित तारीख को लेकर आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
10 लाख ज्यादा आवेदन और 33,320 पदों के बीच इस बार चयन की राह चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। खासकर प्राथमिक शिक्षक पदों पर बड़ी संख्या में आवेदन होने से प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो सकती है।
ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए विषयों की तैयारी के साथ निगेटिव मार्किंग और ओएमआर के पांचवें विकल्प के नियम को समझना भी बेहद जरूरी होगा।
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